CM की अपील पर जनता ने छोड़ दी जमीन, यह प्राचीन शहर बनेगा वर्ल्ड हेरिटेज सिटी

पांच सौ करोड़ की राशि से शहर को (World Heritage Cities) वर्ल्ड हेरिटेज सिटी (World Heritage Sites) बनाया (Puri World Heritage City) जाएगा, इसके (India Heritage Cities) लिए (Odisha News) तैयारियां (Puri Jagannath Mandir) जारी (Puri Jagannath Temple) है (Odisha CM Naveen Patnaik) ...

By: Prateek

Published: 03 Dec 2019, 05:21 PM IST

(भुवनेश्वर): ओडिशा सरकार पुरी को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी बनाने को जीजान से जुटी हुई है। वर्ल्ड हेरिटेज सिटी के रूप में इसे विकसित करने के लिए जगन्नाथ मंदिर के 75 मीटर के दायरे में आने वाली भूमि के अधिग्रहण काम समाप्ति की कगार पर है। खास बात यह है कि अधिग्रहण क्षेत्र का 75 प्रतिशत भू भाग लोगों की निजी जमीन है। सीएम के आग्रह करने पर सभी इसे छोडऩे को राजी हो गए हैं।

 

सीएम ने कहा धन्यवाद...

इस दायरे को सरकार ने श्रीमंदिर सिक्युरिटी जोन का नाम दिया है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को भूमि देने वालों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि 40 दिन पूर्व की गई अपील का असर यह रहा कि लोगों ने खुद पहल की।

 

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बता दें कि बजट सत्र के दौरान केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने देश के प्रमुख 17 पर्यटन स्थलों के विश्वस्तरीय विकास का प्रस्ताव रखते हुए बजट में प्रावधान किया था। इसमें ओडिशा का एक भी पर्यटक स्थल शामिल नहीं था। ओडिशा सरकार इस बात से नाराज चल रही है। केंद्र से निराशा हाथ लगने पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में सरकार खुद पुरी को वल्र्ड हेरिटेज सिटी बनाने के काम में लग गई है।

 

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श्रीमंदिर के 75 मीटर के दायरे मे आने वाले ढांचों के ध्वस्तीकरण दौरान में भी पुरी के लोगों ने कोई विरोध नहीं किया। जिला प्रशासन के अनुसार जगन्नाथ मंदिर व आसपास विकास के लिए मंजूर पांच सौ करोड़ रुपए पुरी को विश्व हेरिटेज में परिवर्तित कर देगी। सदियों पुराने एमार मठ, लंगुली मठ जैसे ढांचे भी गिराए गए। बस इनका मंदिर शेष है।

 

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यह कार्रवाई ओडिशा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज बीपी दास की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट के अनुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गयी। पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने इस पर एतराज जताया पर यह बेअसर रहा। उनका कहना है कि सुप्रीमकोर्ट द्वारा भेजे गए न्याय मित्र और दास आयोग ने कोई राय मशविरा नहीं किया। पुरी में 16 हजार मंदिर और साढ़े चार सौ मठ बताए जाते हैं। जिलाधिकारी बलवंत सिंह ने बताया कि विकास कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।

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