ग्राहकों के जेब पर डाका डाल रहे हैं सरकारी शराब दूकान संचालक, एमआरपी से ज्यादा की हो रही वसूली

सरकार तो बदली लेकिन खुद शराब (Alcohol) बेचने के पिछली सरकार का निर्णय नहीं बदला। बल्कि अब शासकीय शराब दुकानों (Goverment liquor shop) के संचालक और सेल्स मेन अवैध तरीके से लोगों से मनमानी कीमत वसूल रहे हैं

By: Deepak Sahu

Published: 03 Jun 2019, 05:45 PM IST

बीजापुर. छत्तीसगढ़ में शराबबंदी का मुद्दा काफी दिनों से चर्चा में है। विधानसभा चुनाव से पहले शराबबंदी का समर्थन करने वाली वर्तमान सरकार फिलहाल इस मुद्दे को भूल चुकी है। यही वजह है की सरकार तो बदली लेकिन खुद शराब बेचने के पिछली सरकार का निर्णय नहीं बदला। बल्कि अब शासकीय शराब दुकानों (Government liquor shop) के संचालक और सेल्स मेन अवैध तरीके से लोगों से मनमानी कीमत वसूल रहे हैं।

बीजापुर जिला मुख्यालय में संचालित देशी और विदेशी शराब की दुकानों में ये खेल धड़ल्ले से चल रहा है। यहां किसी भी ब्रांड के शराब के बोतल में एमआरपी रेट से 20 रूपए अधिक वसूला जा रहा है। यही नहीं इसके बाद ग्राहक को उसकी रसीद भी नहीं दी जा रही है। शराब दुकान के कर्मचारियों के मुताबिक़ रोज लगभग 5 लाख रूपए की शराब बीजापुर के लोग गटक जाते हैं और लगभग 2000 शराब की बोतलों की बिक्री हो जाती है।

ऐसे में अगर हर बोतल पर 20 रुपये की भी वसूली होती है तो 40 हजार रुपये की रोज अवैध वसूली हो रही है। यानि एक महीने में लगभग 12 लाख रूपए शराब दुकान के संचालकों द्वारा ग्राहकों के जेब से अतिरिक्त लिया जा रहा है। 1 साल में ये रकम लगभग 14 करोड़ 40 लाख रूपए पहुंच जाती है।

आये दिन होती है मार पीट

अवैध वसूली के कारण आये दिन शराब की दूकान (Government liquor shop) पर ग्राहकों और संचालक के बीच मार पीट की नौबत आ जाती है वही इस बारे में आबकारी अधिकारी वीके अंधारे का कहना है कि एमआरपी रेट से अधिक नहीं लिया जा रहा है।

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