लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले विधायक को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने मंजूर की जमानत

Highlights:

-नौतनवा विधानसभा से विधायक अमनमणि त्रिपाठी को 6 साथियों संग पुलिस ने गिरफ्तार किया था

-वह बिना यात्रा पास के पहले तो उत्तराखंड गए और फिर बिजनौर होते हुए गोरखपुर लौट रहे थे

-नजीबाबाद थाना क्षेत्र की पुलिस ने चेकिंग के दौरान सभी को गिरफ्तार किया

By: Rahul Chauhan

Updated: 05 May 2020, 06:58 PM IST

बिजनौर। निर्दलीय विधायक सहित छह लोगों की जमानत मंगलवार को मजिस्ट्रेट ने मंजूर कर ली है। दरअसल, निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी को पुलिस ने चेकिंग के दौरान छह साथियों संग लॉकडाउन नियम तोड़ने व यात्रा पास ना होने पर गिरफ्तार कर लिया था और आपदा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जिला जजी में रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली है। हालांकि सभी को अभी क्वारंटाइन रखा जाएगा। क्वारंटाइन के बाद विधायक अपने साथियों सहित अपने गृह जनपद लौट सकते हैं।

यह भी पढ़ें : 41 दिन बाद खुली शराब की दुकान, हाथ में बोतल आते ही ग्राहक ने ऐसे किया खुशी का इजहार

बता दें कि नौतनवा विधानसभा से विधायक अमनमणि त्रिपाठी अपने 6 लोगो के साथ बिना यात्रा पास के पहले तो उत्तराखंड गए और बिना ही पास के बिजनौर जनपद होते हुए गोरखपुर कल लौट रहे थे। नजीबाबाद थाना क्षेत्र की पुलिस लॉकडाउन को लेकर समीपुर पुलिया के पास सोमवार को चेकिंग कर रही थी।तभी विधायक का काफिला 2 गाड़ियों से वहाँ पर पहुँच गया। पुलिस ने लॉकडाउन नियम का उलंघन करने पर धारा 268,269,188 व 03 महामारी अधिनियम सहित 51 बी आपदा प्रबंधन 2005 के तहत अभियोग पंजीकृत करते हुए निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी,माया शंकर,रितेश यादव,संजय कुमार,ओमप्रकाश यादव,उमेश चौबे और मनीष कुमार सहित कुल 7 लोगो को गिरफ्तार किया था।

यह भी पढ़ें: मेरठ में कोरोना से संक्रमित युवक ने दम तोड़ा, अब तक हो चुकी आठ की मौत

निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने बताया कि वह 1 मई को उत्तराखंड के बद्रीनाथ व केदारनाथ पास के द्वारा निकले थे। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मृतक पिता के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी उन्होंने लिखित में पत्र प्रशासन को दे रखा था। उसके बावजूद भी कुछ गलतफहमी होने पर यहां के प्रशासन ने उन्हें जाने से रोका और गिरफ्तार किया था। उनका यह भी कहना था कि वह पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव है और ऐसे में समाज से जुड़े लोगों के यहाँ आना जाना पड़ता है। जिसकी शासन द्वारा इजाजत भी दी जाती है। उन्होंने यह बात भी मानी है कि उनके पास लॉकडाउन के दौरान यूपी का कोई भी यात्रा पास नहीं था।

Show More
Rahul Chauhan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned