ईद पर दंगा भड़काने की साजिश रच रहा 1990 के दंगों का आरोपी जावेद आफताब गिरफ्तार

Highlights

- जावेद आफताब बकरीद के मौके पर शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ाने की साजिश रच रहा था

- सीएए के विरोध में हुए उपद्रव में भी मुख्य आरोपी था जावेद आफताब

- बिजनौर पुलिस ने दंगा भड़काने के पम्पलेट और अवैध हथियारों के साथ अलीगढ़ से किया गिरफ्तार

By: lokesh verma

Published: 29 Jul 2020, 01:14 PM IST

बिजनौर. पुलिस ने 1990 और 20 दिसंबर 2019 को जिले में सीएए के विरोध में हुए उपद्रव को लेकर 25 हजार के इनामी व मुख्य आरोपी जावेद आफताब को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दंगे के मुख्य आरोपी के पास से दंगा भड़काने वाले पम्पलेट और 32 बोर का तमंचा, कारतूस और 82 कारतूस 12 बोर के बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि 1990 के हुए दंगे में आरोपी ने अहम भूमिका निभाई थी और दंगा भड़काने का काम किया था। आरोपी 2013 में भी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की थी, जिसमें पुलिस द्वारा मुकदमा लिखा गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

यह भी पढ़ें- बकरीद पर विवादित बयान देने पर भाजपा विधायक को दुबई से मिली धमकी, बोले- पहले पाकिस्तान से भी आ चुका फोन

बिजनौर शहर के नई बस्ती मोहल्ले के रहने वाले पूर्व चेयरमैन व वरिष्ठ अधिवक्ता जावेद आफताब सिद्धकी को बिजनौर पुलिस ने अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 20 दिसंबर 2019 को जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई हिंसक घटना में जावेद आफताब द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने व दंगा फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करके आरोपी जावेद आफताब पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। बिजनौर पुलिस ने अलीगढ़ से जावेद आफताब को गिरफ्तार किया है। पुलिस को शक था कि जावेद आफताब बकरीद के मौके पर शहर में बवाल की साजिश रच सकता है।

एसपी संजीव त्यागी ने बताया कि जावेद आफताब 20 दिसंबर 2019 को हुए सीएए के विरोध में 25 हजार का इनामी था। आरोपी जावेद आफताब ने सुनियोजित उपद्रव जनपद में 20 दिसंबर 2019 को कराया था। 1990 के दंगे का भी जावेद आफताब आरोपी है और 2013 में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के संबंध में थाने में अभियोग भी पंजीकृत हुआ था, जिसमें चार्जशीट लग गई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मस्जिद में इकट्ठा दंगे भड़काने वाले पंपलेट व तमंचे सहित कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि जावेद आफताब ने अपने रॉयल क्लब अखबार के माध्यम से भी आम जनमानस को भड़काने का प्रयास किया था। इन सभी को देखते हुए पुलिस ने अलीगढ़ से जावेद आफताब को गिरफ्तार करके कल बिजनौर कोर्ट में प्रस्तुत कर आरोपी को जेल भेज दिया है।

राम मंदिर निर्माण से पहले माहौल बिगड़ने का था खतरा

बता दें कि जावेद आफताब नगर पालिका का पूर्व चेयरमैन है। वह बसपा और सपा दोनों दलों से जुड़ा रहा है। 1990 में अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के दौरान बिजनौर में हुए दंगों में भी जावेद आफताब को जेल भेजा गया था। पिछले दिनों सीएए के विरोध में बिजनौर में हुए उपद्रव में भी जावेद आफताब के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हुए थे। हालांकि इन सभी मुकदमो में उसे हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। वहीं, एक मुकदमे को छोड़ अन्य सभी में न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। बताया जा रहा है कि एक महीने से जावेद आफताब अलीगढ़ में अपनी बहन के यहां रह रहा था। सोमवार की रात बिजनौर पुलिस ने अलीगढ़ में छापेमारी करते हुए जावेद आफताब को गिरफ्तार कर लिया। माना जा रहा है कि राम मंदिर शिलान्यास से पहले जिन लोगों से माहौल बिगड़ने का खतरा है। उन सभी लोगों की पुलिस ने गिरफ्तार करने में जुटी है।

यह भी पढ़ें- एकतरफा प्यार में युवती और उसके पिता की हत्या करने वाले को पुलिस ने एनकाउंटर में गोली मारकर किया पस्त

CAA protest
Show More
lokesh verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned