देश की संसद में गूंजा उत्तर प्रदेश के विभाजन का मुद्दा, गर्मायी सियासत

Highlights

- बिजनौर सांसद मलूक सिंह नागर ने रखी वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग

- संसद में जोर शोर से उठाया वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने का मुद्दा

By: lokesh verma

Updated: 17 Sep 2020, 02:01 PM IST

बिजनौर. एक बार फिर उत्तर प्रदेश का विभाजन कर वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। बहुजन समाज पार्टी सांसद मलूक नागर ने संसद में वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने का मुद्दा उठाकर सियासत को गर्मा दिया है। बता दें कि इससे पहले भी कई बार वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग उठती रही है। पूर्व मंत्री स्वामी ओमेवश ने भी सात साल तक गंगा प्रदेश बनाने की मांग को लेकर आंदोलन चलाया था। वहीं, राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख चौधरी अजित सिंह भी वेस्ट यूपी को हरित प्रदेश बनाने की मांग उठाते आए हैं।

यह भी पढ़ें- लव जेहाद: अब्दुल्ला से अमन बने चार बीवियों के पति ने किशोरी को प्रेमजाल में फंसाया

बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पृथक राज्य बनाने के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। इस दौरान सांसद ने छोटे राज्य के फायदे भी संसद में गिनाए। नागर ने कहा कि वेस्ट यूपी के अलग राज्य बनने के बाद राजस्थान सरकार ने पिछड़ों के साथ जिस तरह अन्याय किया है, उसकी भरपाई हो सकती है। नागर के इस मुद्दे को लेकर वेस्ट यूपी के तमाम कद्दावर नेता एकजुट हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी नेता कहते अए हैं कि छोटे राज्य होने से विकास की गंगा बहेगी और खुशहाली आएगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं। स्वामी ओमवेश ने 1989 में पृथक राज्य के मुद्दे को उठाया। स्वामी ओमवेश ने मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अमरोहा, अलीगढ़, मुरादाबाद, आगरा, अमरोहा, बंदायू, बरेली व शाहजहांपुर समेत 17 जिलों को गंगा प्रदेश बनाने की मांग की थी। उस दौरान स्वामी ओमवेश के साथ पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, सोहनवीर सिंह, वीरेंद्र वर्मा समेत वेस्ट यूपी के तमाम नेता शामिल हुए थे। वहीं, रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने भी हरित प्रदेश बनाने की मांग 1992 में की थी।
मायावती ने भी की थी मांग

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी एक बार वेस्ट यूपी को अलग राज्य बनाने की मांग की थी। हालांकि इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को फिर कभी नहीं उठाया। मायावती के इस मुद्दे को उठाने के बाद लगा था कि अलग राज्य बनाने का मुद्दा गरमाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब बसपा सांसद मलूक नागर के इस मुद्दे को उठाने से लगता है कि अब इस पर अन्य दल के नेता भी एकजुट हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें- पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हालत बिगड़ी, लखनऊ से एयरलिफ्ट एंबुेलेंस के जरिए यशोदा हॉस्पिटल भर्ती कराए गए

Show More
lokesh verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned