98  फीसदी कर्मचारियों को मिले प्रान नम्बर

749 कार्मिकों के बनने थे प्रान नम्बर, 735 को मिले प्रान नम्बर

By: Vimal

Published: 21 Apr 2021, 03:51 PM IST

बीकानेर. नगर निगम में नेशनल पेेंशन स्कीम के तहत कार्यरत सफाई कर्मचारियों में से 98 प्रतिशत कर्मचारियों को परमानेंट रिटायरमेंट एकाउंट नम्बर (प्रान) मिल गए है। कर्मचारियों को प्रान नम्बर मिलने से न केवल अब उनका अटका हुआ मासिक वेतन भुगतान का मार्ग प्रशस्त हो गया है बल्कि उनके मासिक वेतन से हर माह हो रही राशि की कटौती भी उनके खातों में जमा हो सकेगी। निगम प्रशासन फरवरी माह से विशेष अभियान चलाकर वंचित 749 सफाई कर्मचारियों के प्रान नम्बर जारी करवाने की कवायद में जुटा हुआ था, इसके लिए अलग से कम्प्युटर ऑपरेटर भी लगाए गए थे। अब केवल 12 सफाई कर्मचारी ही ऐसे बताए जा रहे है जिनको प्रान नम्बर प्राप्त होने है।

 

1234 एनपीएस सफाई कार्मिक
नगर निगम में 1485 सफाई कर्मचारी कार्यरत है। इनमें से 1234 सफाई कर्मचारी ऐसे है जिनकी नियुक्ति वर्ष 2004 या इसके बाद की है। ये सभी कर्मचारी एनपीएस के तहत नियुक्त हुए है। 1234 कर्मचारियों में से 455 कर्मचारियों के एनपीएस कार्ड बने हुए थे व 749 कर्मचारियों को प्रान नम्बर आवंटित नहीं हो पाए थे। जिन कर्मचारियों को प्रान नम्बर आवंटित नहीं हुए थे वित्त विभाग ने ऐसे कर्मचारियों के वेतन बिलों पर प्रान नम्बर अंकित नहीं होने पर मासिक वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। ऐसे में कर्मचारियों का मासिक वेतन अटक गया था।

 

पत्रिका ने उठाया मुद्दा
निगम में वर्षो से कार्यरत होने और हर माह मासिक वेतन से एनपीएस के तहत राशि कटौती होने के बाद भी उनके खातों में जमा नहीं होने और प्रान नम्बर जारी नहीं होने का मुद्दा राजस्थान पत्रिका ने पूरी गंभीरता के साथ उठाया। पत्रिका ने लगातार समाचारों का प्रकाशन कर निगम प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया। निगम प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए प्रान नम्बर के लिए ऑन लाइन आवेदन करने के लिए सात कम्प्युटर ऑपरेटर नियुक्त किए और प्रान नम्बर बनवाने की प्रक्रिया शुरू की। प्रान नम्बर बनने के बाद ही सैकड़ो कर्मचारियों को उनको मासिक वेतन का भुगतान हो सका।

 

पत्रिका का जताया आभार
करीब साढ़े सात सौ सफाई कर्मचारियों के प्रान नम्बर बनवाने में अहम पहल निभाने के लिए निगम के सफाई कर्मचारी नेताओं ने राजस्थान पत्रिका का आभार व्यक्त किया है। सफाई कर्मचारी नेता शिवलाल तेजी, रतन लाल चांवरिया, चन्द्रशेखर चांवरिया, राजन जैदिया, ज्ञान प्रकाश बारासा, सतीश चांवरिया आदि ने कहा कि राजस्थान पत्रिका ने जिस गंभीरता के साथ सैकड़ो कर्मचारियों के प्रान नम्बर बनवाने के मुद्दे को उठाया निगम प्रशासन ने भी इसे गंभीरता से लिया और विशेष प्रयास कर वर्षो से अटके प्रान नम्बर बनाए गए। सफाई कर्मचारी नेताओं ने प्रान नम्बर की तरह ही कर्मचारियों के वर्षो से बकाया चल रहे एनपीएस बकाया भुगतान को कर्मचारियों के खातों में डलवाने के लिए विशेष प्रयास करने की भी बात कही।

 

इनका कहना है
नगर निगम के जिन कार्मिकों के प्रान नम्बर नहीं बने थे लगभग सभी कर्मचारियों के बन गए है। केवल 12 कर्मचारियों के प्रान नम्बर आंवटित होने बाकी है। इनके आवश्यक दस्तावेज मिलते ही इनको भी प्रान नम्बर जारी हो जाएंगे। एनपीएस कार्मिकों की हर माह कटौती हो रही राशि को उनके खातों में जमा करवाने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए मुख्य लेखाधिकारी को निर्देश दे दिए गए है।
पंकज शर्मा, उपायुक्त नगर निगम, बीकानेर।

Vimal Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned