पीबीएम में निजी लैब से जांच करने पहुंचा लपका, मांगें 1600 रुपए, पकड़ा गया

अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंग प्रभारी ओमप्रकाश सिंघल एवं सिक्योरिटी गार्ड प्रघुमन्न गुप्ता को हटाया

By: Jaiprakash

Published: 26 Jan 2021, 01:30 PM IST

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में मरीजों को लूटने का धंधा जोरों पर चल रहा है। ट्रोमा सेंटर में एक चिकित्सक द्वारा मरीज से २५०० रुपए लेने के मामला शांत हुआ ही नहीं था कि सोमवार को अस्पताल के एक वार्ड में निजी लैब का कार्मिक ब्लड सैम्पल लेने पहुंच गया। निजी लैब के कार्मिक ने १६०० रुपए मांगें तो उसका भांड़ा फूटा।

मरीज व परिजनों ने इसका विरोध किया। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीबीएम अधीक्षक डॉ. परमेन्द्र सिरोही से शिकायत की। इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने एक सिक्योरिटी गार्ड एवं वार्ड में ड्यूटी पर कार्यरत नर्सिंग प्रभारी को भी हटा दिया है। वहीं मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। कमेटी को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

हनुमानगढ़ जिले के खेताराम सोनी के शराब का सेवन करने से लीवर में खराब हो रहा था, जिस करण उसके दीमाग में सूजन आ गई थी। इसका इलाज कराने के लिए उसे रविवार को पीबीएम अस्पताल के एफ वार्ड में भर्ती किया गया। सोमवार सुबह चिकित्सक की ओर से लिखी गई जांचें करानी थी। ऐसे में सुबह करीब साढ़े-ग्यारह १२ बजे एक लड़का आया। उसने मरीज के ब्लड के सैम्पल लिए और जांच के नाम पर १६०० रुपए मांगें। इस पर मरीज के परिजनों ने इतनी रुपए देने से मना कर दिया। तब उन्हें पता चला कि यह अस्पताल कर्मचारी ही नहीं है। इस पर उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सकों को शिकायत कर दी। बात बढऩे पर वार्ड में नर्सिंगकर्मी व चिकित्सक वहां पहुंच गए। ब्लड के सैम्पल लेने वाला लड़का बार-बार मरीज व चिकित्सक के आगे हाथ-जोड़कर माफी मांगता रहा। इस पूरे घटनाक्रम को वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के परिजनों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया।

सिस्टम की खामी के लिए मांगी माफी
निजी लैब के लड़के की ओर से वार्ड में आकर मरीज का ब्लड सैम्पल लेने और रुपए मांगने की जानकारी मिलने पर पीबीएम अधीक्षक डॉ. परमेन्द्र सिरोही एवं यूनिटी प्रभारी डॉ. रोहिताश कुलरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने मरीज से सिस्टम में रही खामी के लिए माफी मांगी। उन्होंने वार्ड में कार्यरत स्टाफ को लताड़ लगाई।

पीबीएम में लंबे समय से चल रहा यह खेल
पीबीएम अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों की निजी लैबों से जांच कराने का लंबे समय से खेल चल रहा है। वार्ड में ड्यूटी डॉक्टर्स मरीजों के परिजनों को जांचें बाहर से कराने के लिए पर्ची तक बनाकर देते हैं। वार्ड में बेखौफ निजी लैब के कार्मिक मरीजों के ब्लड सैम्पल लेकर जाते हैं, जिन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं। मरीजों-परिजनों का आरोप है कि वार्ड में कार्यरत स्टाफ की इन निजी लैबों से मिलीभगत है।

नर्सिंग प्रभारी व सिक्योरिटी गार्ड को हटाया
वार्ड में निजी लैब के कार्मिकों के आकर मरीजों के सैम्पल लेना और पैसे वसूल करना गलत है। मामला ध्यान में आते ही वार्ड में तैनात सिक्योरिटी गार्ड और वार्ड नर्सिंग प्रभारी ओमप्रकाश सिंघल को वहां से हटा दिया है। मामले की जांच के लिए प्रोफेसर डॉ. रोहिताश कुलरिया एवं नर्सिंग अधीक्षक साबिर हुसैन की कमेटी गठित की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इस संदर्भ में सरकार को रिपोर्ट भेजी गई है।
डॉ. परमेन्द्र सिरोही, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल

Jaiprakash Reporting
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