अव्यवस्था : बिना वैद्य और औषधि के चल रहे 42 औषधालय

जिले में 112 संचालित है, लेकिन ४२ औषधालयों में वैद्य व नर्सिंग स्टाफ नहीं है और दवाओं की भी कमी है| 

By: अनुश्री जोशी

Published: 18 Aug 2017, 08:51 AM IST

जिले में आधे से अधिक आयुर्वेदिक औषधालय वैद्यों व अन्य स्टाफ के पद रिक्त होने तथा औषधि के अभाव में जनता को फायदा नहीं दे पा रहे हैं। कमोबेश हालात एेसे हैं कि जिले में संचालित 112 आयुर्वेेद औषधालय में से 42 औषधालयों में वैद्य ही नहीं है। महज 70 औषधालयों वैद्य या नर्सेज स्टाफ संचालित कर रहे हैं। इनमें से कई औषधालयों का वैद्य या नर्सेज के पास दोहरा कार्यभार है। इससे भी बुरी स्थिति यह है कि 70 फीसदी औषधालयों में परिचारक नहीं है। इन औषधालयों की सफाई के लिए आयुर्वेद विभाग की ओर से कोई व्यवस्था ही नहीं है।

 


आयुर्वेदिक औषधालयों को पर्याप्त दवाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। एेसे में औषधालयों में दवाएं जितनी मिलती है उतनी से ही काम चलाना पड़ता है। बीकानेर आयुर्वेद विभाग में उप निदेशक का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में संभाग के औषधालों की कोई सुध लेने वाला ही नहीं है। जिला चिकित्सालय के हालात भी अच्छे नहीं है। इसमें पांच विभाग आंचल प्रसूता, जरा अवस्था, पंच कर्म, क्षार क्षुद्र, योग एवं प्राकृतिक केन्द्र है।

 

इसमें अभी तक क्षार क्षुद्र विभाग में स्टाफ और बजट नहीं दिया गया है। जिला अस्पताल में ६ वैद्यों के पद है। नर्सिंग स्टाफ के कुल दस पदों में से तीन ही कार्यरत है। विभाग की ओर से हर औषधालय में 20 से 30  हजार की दवाएं दी जाती है। अभी जिले के लिए 60 हजार की दवाओं की आपूर्ति हुआ है।

 


औषधालयों में स्टाफ की कमी
जिले में 112 औषधालयों में पर्याप्त स्टाफ नहीं है। फिर भी सारे औषधालय चालू रखने का प्रयास करते हैं। किसी पर ताला नहीं लगने देते हैं। जहां वैद्य नहीं है वहां नर्सिंग स्टाफ को लगाकर औषधालय खुला रखते हैं। कुछ स्थानों पर दोहरा चार्ज देकर कार्य व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। राज्य सरकार एवं विभाग को लिखा गया है।
महावीर सिंह राठौड़, जिला आयुर्वेद अधिकारी बीकानेर

Show More
अनुश्री जोशी
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned