सवा किलो की रजाई करती सर्दी छूमंतर

हल्की होने से ज्यादा मांग: नोखा की रजाई देशभर में प्रसिद्ध

हल्की होने से सफर में अधिक उपयोगी

By: Atul Acharya

Published: 17 Sep 2021, 08:18 PM IST

नोखा. सर्दी शुरू होते ही गर्म कपड़ों की मांग सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। जब बात रजाइयों की आती है तो सबके जहन में सिर्फ नोखा रजाईयां ही आती हैं। सवा किलो देशी कपास से बनी ये रजाई नोखा क्यूलेट व बटरफ्लाई कवर के नाम से दुनियाभर में प्रसिद्ध है। नोखा आने वाला हर मेहमान सर्दी के मौसम में यह रजाई खरीद कर जरूर ले जाता है। बड़े शहरों में रहने प्रवासियों में नोखा रजाई की डिमांड रहती है।


छोटे से बैग में समा जाती
सवा किलो मेडीकेटेट कॉटन व सूती कपडे की लाइटवेट बनी सिंगल बेड की यह रजाई वैसे दिखने में तो काफी बड़ी नजर आती हे। इसे यात्रा में साथ लेकर जाया जाए तो यह महज एक छोटे से बैग में समा जाती है। इसलिए लोग नोखा रजाई को यात्रा के दौरान साथ लेकर जाते हैं।


जुलाई से रजाइयां बनाना कर देते हैं शुरू
नोखा क्यूलेट रजाई और बटरफ्लाई कवर की राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, बंगाल, आसाम, बिहार सहित अन्य प्रांतों में अच्छी मांग रहती है। पंजाब व हरियाणा में सर्दी अच्छी पड़ती है, वहां पर भी नोखा की रजाई को पंसद किया जाता है। डिमांड के चलते जुलाई से ही फैक्ट्री में रजाइयां का उत्पादन शुरू कर देते हैं। ये सिंगल बेड, मीडियम, डबल बेड, सूती कपड़े की छपाई वाली सॉफ्ट रजाई होती है।


४० साल से बना रहे
हनुमानमल तापडि़या ने बताया कि वे ४० साल से रजाइयां बना रहे हैं। कपड़ा मंगाने से लेकर प्रिटिंग कराने, रजाइयां बनाने तक काम उनकी देखरेख में होता है। इसमें काफी कारीगर लगे हैं। अब उनके बेटे इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। नोखा की रजाई गिफ्ट के रूप में दी जाती हैं। इसमें सभी रंगों की रजाई मिलती हैं।


८०० से १६०० तक की दाम में उपलब्ध
नोखा क्यूलेट के नाम से प्रसिद्ध इस रजाई की सिंगल बेड में ८०० से १४०० रुपए और डबल बेड में १२०० से १६०० रुपए तक मूल्य है। सिंगल बेड रजाई का कॉटन कवर की रेट २६० रुपए और डबल बेड रजाई का कवर ३८० रुपए है।

Atul Acharya Reporting
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