एक से दूसरा, दूसरे से तीसरा और कोरोना की चपेट में आए दो परिवारों के 56 लोग

कोरोना संक्रमण चेन के रुप में लोगों को चपेट में लेता है। एक व्यक्ति या परिवार की छोटी सी लापरवाही उसके व परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के जीवन को संकट में डाल सकती है।

By: kamlesh

Updated: 23 May 2020, 03:53 PM IST

दिनेश स्वामी/जयप्रकाश गहलोत
बीकानेर। कोरोना संक्रमण चेन के रुप में लोगों को चपेट में लेता है। एक व्यक्ति या परिवार की छोटी सी लापरवाही उसके व परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के जीवन को संकट में डाल सकती है। कोरोना कितना तेजी से और कैस सामुदायिक संक्रमण का रूप लेता है, इसके दो बड़े मामले बीकानेर में समाने आए हैं। दो परिवार के एक—एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने के बाद उनके पूरे परिवार, पड़ोसी और रिश्तेदारों को कोरोना ने चपेट में ले लिया।

यहां की 55 वर्षीय एक महिला धार्मिक स्थल पर दिल्ली से आए कोरोना संक्रमित के सम्पर्क में आई। इससे वह भी संक्रमित हो गई। महिला बीमार रही और 4 अप्रेल को मौत हो गई। मौत के बाद जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वह कोरोना संक्रमित थी। महिला के माध्यम से एक स्वस्थ्य परिवार में घुसा कोरोना एक के बाद एक उसके परविार के सदस्यों और रिश्तेदारों को चपेट में लेता गया। अंतत: संक्रमण की चेन 29 लोगों के चपेट में आने क बाद टूट गई। इसी तरह 15 मई को 55 वर्षीय एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया।

केस हिस्ट्री से पता चला 55 वर्षीय व्यक्ति के बीमार होने पर रिश्तेदार अहमदाबाद से कुशलक्षेम पूछने आया था। वह संक्रमित था और इस व्यक्ति को संक्रमित कर गया। कोरोना ने इस परिवार में घुसकर भी चेन बनाकर अब तक 27 लोगों को संक्रमित कर दिया। इनमें संक्रमित परिवार के मुखिया के पुत्र—पुत्रवधू,पुत्री—दामाद के परिवार शामिल है। संक्रमण की चेन अभी टूट नहीं पाई हैं। स्वास्थ्य विभाग अंतिम कड़ी को पकड़ने के लिए स्क्रीनिंग कर रहा है।

सबक: इन मामलों से सबक लें, ताकि फिर कोई संक्रमित नहीं हो
— पहले परिवार की महिला दिल्ली से आए एक व्यक्ति से संक्रमित हुई। ऐसा सोशल डिस्टेंस की अनदेखी करने व अन्य सावधानियां नहीं बरतने से हुआ। साथ ही महिला की मौत के बाद संक्रमण से मौत होने का पता चला। इस देरी से संक्रमण तेजी से फैल गया। ऐसे में कोरोना के लक्षण दिखते ही तुरंत गंभीरता से लेकर उसकी जांच कराना जरूरी है।

— दूसरे परिवार का पुरुष बीमार था। हमारे यहां बीमार की कुशलक्षेम पूछने जाने की सामाजिक परम्परा रही है। परन्तु कोरोना संक्रमण के इस दौर में बीमार से व्यक्तिगत सम्पर्क में आकर कुशलक्षेम पता करने की बजाए मोबाइल से पता करना ज्यादा सुरक्षित है। बाद में परिवार के सदस्य और पड़ोसी संक्रमित हुए।

यह रखें ध्यान
किसी पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हैं तो 14 दिन क्वॉरंटीन करें।

पांचवे और 13वें दिन टेस्ट जरूर करवाएं।

कोरोना का 5 या 6वें दिन असर दिखने लगता है।

5वें और 14वें दिन रिपोर्ट नेगेटिव है तो वह सामान्य रह सकता है।

कोरोना के साथ जीना सीखना होगा
आमजन को अपनी आदतों में सुधार करना होगा। अब कोरोन के साथ जीना सीखना होगा। कोरोना अब तक का सबसे खतरनाक वायरस है। इसकी दवा बनाने में विश्व के कई देश जुटे हैं, लेनिक अभी तक सफलता नहीं मिली है। ऐसे में बचाव ही उपचार है।

डॉ. सुरेन्द्र कुमार वर्मा
नोडल आॅफिसर, कोरोना वायरस एवं प्रोफेसर मेडिसिन विभाग पीबीएम अस्पताल

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