scriptBikaner Foundation Day | बीकानेर स्थापना दिवस- चंदा पर दिखेगी महंगाई व रियासत के सिक्कों की झलक | Patrika News

बीकानेर स्थापना दिवस- चंदा पर दिखेगी महंगाई व रियासत के सिक्कों की झलक

बीकानेर स्थापना दिवस- चंदा पर दिखेगी महंगाई व रियासत के सिक्कों की झलक

बीकानेर

Published: April 30, 2022 07:34:06 pm

बीकानेर. नगर स्थापना दिवस पर पतंगबाजी के साथ चंदा उड़ाने की सदियों पुरानी परम्परा है। आखाबीज और आखातीज के दिन शहर में कई स्थानों पर चंदा उड़ाकर खुशियां प्रकट की जाती हैं। चंदा बनाने और उड़ाने के साथ-साथ चंदा पर पारम्परिक दोहे, संवाद लिखने के साथ चित्र बनाने और समसामयिक विषयों से जुड़े संदेश देने की भी अनूठी परम्परा है। हर साल चंदा बनाने वाले कलाकार उन पर चित्र और संदेश भी लिखते हैं। इस बार बीकानेर रियासत में जारी हुए सिक्को की झलक चंदा पर मिलेगी। वहीं महंगाई की मार से जूझ रहे आमजन की पीड़ाओं को भी चंदा पर उकेरा गया है। कई चंदा पर बीकानेर रियासत के राजा महाराजाओं के चित्र, दोहे, संदेश लिखे गए हैं।
बीकानेर स्थापना दिवस- चंदा पर दिखेगी महंगाई व रियासत के सिक्कों की झलक
बीकानेर स्थापना दिवस- चंदा पर दिखेगी महंगाई व रियासत के सिक्कों की झलक

कागज से तैयार, डोरी से उड़ते
नगर स्थापना दिवस पर गोलाकार आकृति में चंदा तैयार किए जाते हैं। लगभग चार फीट गोलाकार आकार के इन चंदा को कागज से बनाया जाता है। इन पर सरकंडे की लकड़ी लगाई जाती है। किनारों पर पाग का कपड़ा चिपकाया जाता है। कई चंदा पर बीकानेर रियासत का ध्वज भी प्रतीकात्मक रूप से लगाया जाता है। बड़े आकार के इन चंदा को डोरी की मदद से उड़ाया और छोड़ा जाता है।

संदेश देने की परम्परा
चंदा कलाकार नगर स्थापना दिवस से करीब एक पखवाड़ा पहले ही चंदा बनाने में जुट जाते हैं। वर्तमान में कलाकार ब्रजेश्वर लाल व्यास, गणेश लाल व्यास, भंवर लाल व्यास, पवन व्यास, कृष्ण चन्द्र पुरोहित, अनिल बोड़ा सहित कई कलाकार वर्षो से चंदा बनाने के साथ उन पर चित्र, दोहे उकेर कर संदेश दे रहे हैं। कलाकारों की ओर से तैयार किए जा रहे चंदा की कलात्मकता देखते ही बनती है। कलाकार गणेश लाल व्यास के अनुसार इस बार चंदा पर बीकानेर रियासत के सिक्कों और मोहरों की झलक प्रदर्शित की गई है। वहीं कृष्ण चन्द्र पुरोहित के अनुसार बढ़ती महंगाई, नारी शक्ति, बाल विवाह रोकथाम आदि के संदेश व चित्र उकेरे गए हैं।
गवरा दादी पून दे...
आखाबीज और आखातीज के दिन उड़ाए जाने वाले चंदा के दौरान घरों की छतों पर गवरा दादी पून दे, टाबरिया रा चंदा उड़े के स्वर गूंजते रहते हैं। जिस घर की छत पर चंदा उड़ाया जाता है, वहां से इसे छोडऩे और पुन: उसे लाकर फिर से उड़ाया जाता है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

बुध जल्द वृषभ राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों के लिए बेहद शुभ समय, बनेगा हर कामज्योतिष: रूठे हुए भाग्य का फिर से पाना है साथ तो करें ये 3 आसन से कामजून का महीना किन 4 राशियों की चमकाएगा किस्मत और धन-धान्य के खोलेगा मार्ग, जानेंमान्यता- इस एक मंत्र के हर अक्षर में छुपा है ऐश्वर्य, समृद्धि और निरोगी काया प्राप्ति का राजराजस्थान में देर रात उत्पात मचा सकता है अंधड़, ओलावृष्टि की भी संभावनाVeer Mahan जिसनें WWE में मचा दिया है कोहराम, क्या बनेंगे भारत के तीसरे WWE चैंपियनफटाफट बनवा लीजिए घर, कम हो गए सरिया के दाम, जानिए बिल्डिंग मटेरियल के नए रेटशादी के 3 दिन बाद तक दूल्हा-दुल्हन नहीं जा सकते टॉयलेट! वजह जानकर हैरान हो जाएंगे आप

बड़ी खबरें

'तमिल को भी हिंदी की तरह मिले समान अधिकार', CM स्टालिन की अपील के बाद PM मोदी ने दिया जवाबहिन्दी VS साऊथ की डिबेट पर कमल हासन ने रखी अपनी राय, कहा - 'हम अलग भाषा बोलते हैं लेकिन एक हैं'Asia Cup में भारत ने इंडोनेशिया को 16-0 से रौंदा, पाकिस्तान का सपना चूर-चूर करते हुए दिया डबल झटकाअजमेर की ख्वाजा साहब की दरगाह में हिन्दू प्रतीक चिन्ह होने का दावा, पुलिस जाप्ता तैनातबोरवेल में गिरा 12 साल का बालक : माधाराम के देशी जुगाड़ से मिली सफलता, प्रशासन ने थपथपाई पीठममता बनर्जी का बड़ा फैसला, अब राज्यपाल की जगह सीएम होंगी विश्वविद्यालयों की चांसलरयासीन मलिक के समर्थन में खालिस्तानी आतंकी ने अमरनाथ यात्रा को रोकने की दी धमकीलगातार दूसरी बार हैदराबाद पहुंचे PM मोदी से नहीं मिले तेलंगाना CM केसीआर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.