शिक्षकों को अपने घर आया देखकर अभिभूत हुए बच्चे और अभिभावक

आओ घर में सीखें-2.0 अभिभावकों ने माना- तनावपूर्ण माहौल में शिक्षकों को घर भेजने से बच्चों को
मिला संबल
बच्चों और परिजनों ने सवाल पूछे

By: Atul Acharya

Published: 16 Jun 2021, 09:00 PM IST

-भावना सोलंकी

गंगाशहर. करीब डेढ़ वर्ष से कोविड-19 के कारण घर पर एकाकी से रह रहे बच्चे और उनके अभिभावकों को घर पर मिलने आए विद्यालय के शिक्षकों को देखकर सुखद एहसास हुआ।
बच्चों के परिजनों ने शिक्षा विभाग की ओर से इस तनावपूर्ण माहौल में शिक्षकों को बच्चों से घर मिलने भेजने की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति से गुजर रहे बच्चों को इससे
काफी संबल मिलेगा। इस दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों ने शिक्षकों के सामने प्रश्नों की झड़ी लगा दी। बच्छासर स्थित कालबेलिया बस्ती में पहुंचे राजकीय माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक आसकरण मेघवाल, रेखा चौधरी, श्वेता जोशी ने बताया कि कोरोना के चलते अभिभावक और बच्चे परेशान हैं। उन्होंने नए सत्र में विद्यालय खुलने, नियमित पढ़ाई के बिना परीक्षा कैसे पास करने, नए सत्र में पढ़ाई की व्यवस्था कैसे रहेगी, जैस कई सवाल शिक्षकों से किए। कई परिजनों ने मोबाइल से पढ़ाई करने में आने वाली दिक्कते बताईं। कई परिजनों ने आधार
कार्ड बनने की प्रक्रिया भी शिक्षकों से जानी। शिक्षको ने अभिभावकों के साथ बच्चों की सभी जिज्ञासाओं को सुना एवं यथासंभव उत्तर भी दिए।


खेलकूद भी जारी रखें
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद गतिविधियों को घर पर ही जारी रखने का सुझाव दिया। 7 जून से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत बारी-बारी से विद्यालय के 50 फीसदी शिक्षक रोजाना 'आओ घर में सीखें-2.0Ó कार्यक्रम तथा प्रवेशोत्सव के प्रथम चरण में घर-घर संपर्क करने में जुटे हुए हैं।

मना रहे आनंदोत्सव
कालबेलिया बस्ती के राजनाथ ने बताया कि घर पर स्कूल के शिक्षकों को देख कर अच्छा लग रहा है और उनकी बताई गई बातों से बहुत सांत्वना मिली है।
पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कोलासर के महेंद्र परिहार ने बताया कि इस बार शिक्षक घर-घर सर्वे को आनंदोत्सव के रूप में मना रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों की पढ़ाई के लिए शुरू किए गए प्रयासों की सराहना अभिभावकों ने की है। उन्होंने बताया कि विभाग की इस योजना के भविष्य में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।


सरकारी योजनाएं भी बताई
शिक्षको ने विशेष आवश्यकता वाले बालक-बालिका की पहचान के साथ उनको स्कूली शिक्षा से जोडऩे और सरकार की लाभकारी योजनाओं के बारे भी अभिभावकों को बताया। इस दौरान उन्होंने मिड-डे मील, निशुल्क पाठ्य पुस्तक, छात्रवृत्ति जैसी शिक्षा विभाग की योजनाओं को अभिभावकों के सामने रखा। नए शैक्षणिक सत्र में नियमित पढ़ाई शुरू होने तक बच्चों के व्हाट्सएप ग्रुप में अध्ययन सामग्री भेजने और उनसे निरन्तर संपर्क में रहने के बारे में भी जानकारी दी ।

Atul Acharya Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned