पटाखा विक्रेताओं को फिर लगा झटका प्रतिबंध से पांच करोड़ का माल अटका

हर साल मंगाते हैं दस करोड़ के पटाखे, नहीं बिकने से एक साल बाद हो जाएंगे खराब

By: Atul Acharya

Published: 06 Oct 2021, 09:01 PM IST

बृजमोहन आचार्य

बीकानेर. आतिशबाजी व पटाखों के चलाने पर प्रतिबंध के सरकारी आदेश ने पटाखा कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। पिछले साल दीपावली पर व्यापारियों ने करोड़ों रुपयों के पटाखें शिवाकाशी (तमिलनाडु) से मंगाए थे। बाद में कोरोना के चलते सरकार की ओर से पटाखों पर प्रतिबंध लगने से यह स्टॉक धरा रह गया।
इस बार दीपावली पर पिछले साल के बचे पटाखों के साथ एडवांस में मंगवाए पटाखों की बिक्री की उम्मीद थी। परन्तु सरकार ने इस साल भी पटाखों को चलाने पर रोक लगा दी है। एेसे में अकेले बीकानेर में पांच करोड़ रुपए के पटाखों का स्टॉक पड़ा है।
दीपावली पर इस बार भी धूमधड़ाका कम ही रहने वाली है। कोरोना के बाद सभी गतिविधियां धीरे-धीरे सुचारू हो गई है। परन्तु आतिशबाजी व पटाखों पर भी प्रतिबंध के आदेश इस बार भी जारी कर दिए गए है।
एेसे में पटाखा विक्रेताओं के दीपावली सीजन की आस पर इस बार भी पानी फिर गया है।

चोरी-छिपे ही बिकेंगे
गत वर्ष दीपावली पर पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे बेचे गए। हालांकि उस समय कोरोना का डर भी कायम था। एेसे में खुलकर आतिशबाजी नहीं की गई। इस बार प्रतिबंध के दौरान पिछले साल के मुकाबले ज्यादा पटाखों की चोरी-छिपे बिक्री होगी।
पटाखा विक्रेताओं के पास पड़े करीब पांच से छह करोड़ रुपए के पटाखे एक साल बाद खराब हो जाएंगे। एेसे में वह अपनी लागत पूरी करने के लिए जैसे-तैसे इस स्टॉक को बेचने का प्रयास करेंगे।

सितंबर के ऑर्डर, अब करा रहे निरस्त
राज्य सरकार की ओर से पटाखों पर प्रतिबंध के आदेश जारी करने से पहले ही सितम्बर में व्यापारियों ने पटाखों के ऑर्डर बुक करवा दिए थे। हालांकि प्रतिबंध के साथ ही व्यापारी एडवांस दिए ऑर्डर निरस्त करवा रहे है। सालाना करीब दस करोड़ से अधिक का पटाखों का कारोबार बीकानेर में होता है।

८० स्थाई और ३०० अस्थाई लाइसेंस
बीकानेर जिले में पटाखा बेचने के लिए ८० व्यापारियों के पास स्थाई और तीस सौ व्यापारियों के पास अस्थाई लाइसेंस बने हुए है।

सरकार से बात करेंगे
आतिशबाजी की बिक्री पर लगी रोक को हटाने के लिए सरकार से बात की जाएगी। पिछली बार भी रोक लगने से व्यापारियों को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। अब फिर प्रतिबंध से व्यापारियों को उधार लिए रुपयों का ब्याज चुकाना भी भारी पड़ रहा है।
वीरेन्द्र किराडू, सचिव बीकानेर फायर वक्र्स एसोसिएशन

आर्थिक परेशानी हो रही है
लगातार दो साल से आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाने के कारण व्यापारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों की रोजीरोटी इस पर निर्भर है। बीकानेर में इस व्यवसाय से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब पांच हजार लोग जुड़े हुए हैं।
लूणकरन सेठिया, अध्यक्ष बीकानेर फायर वक्र्स एसोसिएशन

क्या है सरकार का आदेश
सरकार ने दीपावली को देखते हुए तीस सितंबर को ही आदेश निकाल दिया की कोविड की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को आतिशबाजी से होने वाले वायु प्रदूषण से श्वसन तंत्र में होने वाली संभावित खराबी के कारण आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया जाता है। राज्य में ३१ जनवरी २०२२ तक सभी प्रकार की आतिशबाजी बेचने व चलाने पर प्रतिबंध लागू किया गया है।

Atul Acharya Reporting
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