विदेशी महिला वर्षों से राजस्थानी चित्रकारी, परंपरा, खान-पान रीत रिवाज पर कर रही काम

बीकानेरी संस्कृति को कर रहे प्रोत्साहित

By: dinesh swami

Published: 05 Feb 2021, 08:03 PM IST

जितेन्द्र गोस्वामी
बीकानेर. राजस्थान एक ऐसा प्रदेश है जहां कोई भी पर्यटक आए। वह यहां की संस्कृति, ाान-पान, वेश भूषा आदि को देखकर उसका मुरीद हो जाता है। ऐसी ही एक यूरोपियन महिला हैं जो वर्षों से राजस्थान में रहकर यहां के इतिहास, परंपराएं, चित्रकारी आदि का अध्ययन किया और अब बीकानेरी संस्कृति को पूरे विश्व में फैलाने का बीड़ा उठाया है।
आयरलैंड मूल की महिला शैनन डेविस का लगाव राजस्थान से हैं। वे यहां की कला, स्थापत्य, संस्कृति व खानपान से काफी प्रभावित हैं। वे पन्द्रह साल से भारतीय व यहां की संस्कृति पर काम किया है। वे कई वर्ष तक जोधपुर रहीं और अभी कुछ माह से बीकानेर रह रही हैं। वे यहां आती जाती रही है तथा यहां की चित्रकला शैली भी सीखी, साथ ही उन्हें बीकानेर की किले, हवेलियों की स्थापत्य कला भी आकर्षित लगती हैं। उनका मानना है कि इन सबकी ओर उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। उन्हें फिर से संजोकर फिर से विश्व के सामने इनका असली स्वरूप आना आवश्यक है। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने बुधवार को भैरू विलास में पुरानी थीम को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया।

डेविस बताती हैं कि इटेलियन चित्रकार लियोनार्दो ने जिस प्रकार अपनी प्रसिद्ध पेटिंग ईसा मसीह को लेकर बनाई थी। जिसमें ईसा अपने शिष्यों के साथ अंतिम भोजन करते हुए दिखाया गया था। द लास्ट सपर था। उसी तर्ज पर द फस्र्ट सपर नाम से आयोजन किया गया। इसमें डाइनिंग टेबल पर ११ जने बीकानेरी वेशभूषा के साथ बैठाए गए। यह उस काल का बीकानेरी स्टाइल में डेमो कार्यक्रम था। उसी तरह का ऐसा वातावरण बनाया गया जैसे पुराने रजवाड़े के समय होता था। इस बारे में शैनन डेविस ने बताया कि उनकी मंशा है कि बीकानेर की कला, स्थापत्य, वेशभूषा, ाान पान फिर से पुनर्जीवित हो। पहले इस चीज को स्वयं बीकानेर के वासी समझें। यहां के जो स्थानीय अनाज आदि हैं। वह कितने फायदेमंद हैं स्वास्थ्य के लिए। यह चीज जानें एवं उसे दैनिक जीवन में अपनाएं। वे इसके लिए पिछले दस वर्ष से काम कर रही हैं। अब उनके काम का आगे बढ़ाना शुरू किया है। इसे पहले बीकानेर फिर पूरे विश्व के सामने लाना चाहती हैं।


वहीं अंतरराष्ट्रीय शैफ संजय ठाकुर भी प्रदेश के स्थानीय खान-पान को प्रमोट करने का काम कर रहे हैं। वे यूएई से जुड़े हैं। उनका कहना है कि राजस्थान का स्थानीय खान-पान काफी रिच रहा है। यहां के बाजरा, कैर सांगरी जैसे खाद्य पदार्थों से काफी स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जा सकते हैं। पुराने लोग बिना रासायनिक खाद के उगे इन्हीं का दैनिक रूप से इस्तेमाल करते थे। ये बहुत स्वास्थ्य वर्धक होते हैं। इनको राष्ट्रीय स्तर या विश्व स्तर पर प्रमोट कर लोकप्रिय किया जा सकता है। ठाकुर पन्द्रह विश्वविद्यालय से भी जुड़े हैं। वे वहां विद्यार्थियों को इस फील्ड में रोजगार के अवसरों के बारे में बताते रहते हैं।


इस काम में ये कर रहे सहयोग
शैनन डेविस ओळखान निष्ठा कंपनी के माध्यम से यह कार्य कर रही हैं। उनके साथ द फस्र्ट सपर आयोजन में भैरों विलास के संचालक हर्षवर्धन ङ्क्षसह, शूटिंग के नेशनल विजेता व कोच अधिराज सिंह देवड़ा, रेस्टोरेंट संचालक चक्रपाणि सिंह, एवं फोटोग्राफर विश्वेन्द्र सिंह बिरकाली, शैफ संजय ठाकुर, कुलदीप भोजक आदि ने सहयोग किया।

dinesh swami Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned