कैमल इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एनआरसीसी करेगा ऊँट पालकों को प्रशिक्षित

कैमल इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एनआरसीसी करेगा ऊँट पालकों को प्रशिक्षित

 

By: dinesh swami

Published: 01 Mar 2021, 07:24 PM IST

बीकानेर. भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर कैमल इको-टूरिज्म (उष्ट्र पारिस्थिकीय पर्यटन) को बढ़ावा देने के लिए दिनांक 03-05 मार्च, 2021 के दौरान ‘उष्ट्र पर्यटन सजावटी ऊन कल्पन का महत्व‘ विषयक 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होगा।

केन्द्र निदेशक डाॅ.आर्तबन्धु साहू ने इस विशेष प्रशिक्षण के बारे में कहा कि एनआरसीसी द्वारा उष्ट्र कल्पन व्यवसाय से जुड़े पारंपरिक कुशल कारीगरों के माध्यम से लगभग 20 ऊँट पालकों एवं किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। तदुपरांत प्रशिक्षित प्रशिक्षणार्थी ट्रेनिंग के माध्यम से प्राप्त ज्ञान (कलाहुनर) को आगे बढ़ाते हुए इसे ऊँट पालकों को हस्तांतरित करेंगे। डाॅ.साहू ने स्पष्ट किया कि ऊँटों की बहुआयामी उपयोगिता एवं पर्यटन व्यवसाय के नए आयाम के स्वरूपों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र, उष्ट्र प्रजाति पर गहन अनुसंधान के साथ-साथ ऊँट पालकों को उष्ट्र व्यवसाय से जुड़े व्यावहारिक क्षेत्रों में भी पारंगत करना चाहता है ताकि उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी सुनिश्चित की जा सके। केन्द्र में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के समन्वयक डाॅ.आर.के.सावल, प्रधान वैज्ञानिक होंगे।

dinesh swami Reporting
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