पीबीएम प्रशासन की उड़ी नींद, अब एमबीए डिग्रीधारी संभालेंगे व्यवस्था

पीबीएम अस्पताल की व्यवस्था सुधार के लिए विभिन्न कमेटियां बनाकर सौंपी जिम्मेदारियां, प्राचार्य व अधीक्षक भी रहेंगे सक्रिय|

By: अनुश्री जोशी

Published: 22 Aug 2017, 08:56 AM IST

पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था सुधार के लिए अब कड़े कदम उठाए हैं। अस्पताल के विभिन्न कार्यों के लिए चिकित्सकों की 10 कमेटियां गठित की गई हैं। इन कमेटियों को सम्बन्ध व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। खुद प्राचार्य, उप प्राचार्य, अधीक्षक, उप अधीक्षक एवं विभागाध्यक्षों को काम की जिम्मेदारी दी गई है।

 

यह हिदायत दी गई है कि अब जिम्मेदारी में कोताही बरतने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस आशय की रिपोर्ट सोमवार को प्राचार्य डॉ. आर.पी. अग्रवाल ने राज्य सरकार, संभागीय आयुक्त एवं अन्य सम्बन्धितों को भेजी है। साथ अस्पताल के बेहतर रखरखाव के लिए एमबीए डिग्रीधारियों की मदद ली जाएगी।

 

'राजस्थान पत्रिका' ने अभियान चलाकर पीबीएम में अव्यवस्था और अनियमितताओं को उजागर किया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने रविवार को बैठक कर पीबीएम की व्यवस्था पर मंथन किया। साथ ही सभी स्तरों पर सहयोग की उम्मीद जताई। इसमें संस्थाएं, जनता, प्रशासन और पीबीएम कर्मियों से सहयोग की अपील की गई।

 

ठेकेदारों के माध्यम से कराए जाने वाले सफाई एवं अन्य कार्य वार्ड इन्चार्ज के अलावा कार्मिकों की उपस्थिति में प्रमाणित करने के निर्देश जारी किए गए। एेसे में अब सफाई में धांधली नहीं चलेगी। कोई कमी पाई गई तो संबंधित वार्ड इन्चार्ज के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

 

अब बायोमेट्रिक हाजिरी
बैठक में तय किया गया कि बेडशीट कोड डे के हिसाब से बदली जाएगी। रेडियो डायग्नोसिस के लिए मरीज को निर्धारित समय पर ही भेजना होगा। रेडियो डायग्नोसिस की सात दिन की प्रतीक्षा सूची बनानी होगी। डॉक्टर, नर्सेज एवं कार्मिकों की उपस्थिति पर निगरानी के लिए दो एमबीए डिग्रीधारी रखे जाएंगे। चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ को बायोमेट्रिक उपस्थिति देनी होगी। इस पर पूरी निगरानी की व्यवस्था की गई है।

 

ये काम करेंगी कमेटियां
कमेटियां अस्पताल का आकस्मिक और नियमित निरीक्षण करेंगी। साथ ही प्रवेश पास प्रणाली, साप्ताहिक निरीक्षण, शिकायतों का निस्तारण, हेल्पलाइन, आउट सोर्सिंग सेवाएं, क्रय शाखा, फ्लैगशिप योजना एवं कबाड़ व अन्य सामान के निस्तारण की जिम्मेदारी अलग-अलग कमेटियों को दी गई है। यह भी निर्णय किया गया है कि अधीक्षक हर सप्ताह नर्सिंग, लैब तकनीशियन, विभिन्न शाखाओं, सफाई, सुरक्षा एवं अन्य मुद्दों के संबंध में बैठक कर समीक्षा करेंगे। सभी समितियों को हर शुक्रवार को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच प्राचार्य कक्ष में बैठक में कार्य रिपोर्ट देनी होगी।

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