कैसे मुकाबला करेंगे तीसरी लहर से, व्यवस्था नाकाफी

कैसे मुकाबला करेंगे तीसरी लहर से, व्यवस्था नाकाफी

By: Atul Acharya

Published: 21 Jul 2021, 07:57 PM IST

बीकानेर. कोरोना की तीसरी लहर की आशंका गहराती जा रही है। बच्चों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए आइसीयू, चिकित्सक व जीवनरक्षक उपकरणों की कमी बेहद बड़ी समस्या है। पीबीएम के शिशु अस्पताल एवं एमसीएच विंग में बच्चों के लिए नया आइसीयू बनाना था लेकिन अभी तक नहीं बना है। शिशु अस्पताल में अभी तक आइसीयू बनाने के लिए स्थान भी चिन्हित नहीं किया जा सका है।
पीबीएम अस्पताल में कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर कोविड हॉस्पिटल (एमसीएच विंग) में बच्चों के लिए एक २५ बेड और शिशु अस्पताल में १० बेड का आइसीयू बनाना प्रस्तावित है लेकिन अब तक इन जगहों पर आइसीयू नहीं बने हैं। जबकि तीसरी लहर के आने की आशंका जताई जा रही है।

सुस्ती बाद में पड़ जाए न भारी
विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर भी ढुलमुल व लापरवाही का नतीजा रहा। कोरोना पीक पर रहा तो मरीज ऑक्सीजन, रेमडेसिविर, बेड व वेंटीलेटर के लिए भटकते रहे। कोरोना वायरस के खतरनाक होने से सैकड़ों की लोगों की जान बचाई नहीं जा सकी। कोरोना की पहली लहर के बाद ही अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सरकार व केन्द्र सरकार ने दावे किए थे लेकिन दूसरी लहर तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई। अब तीसरी लहर की संभावना के मद्देनजर भी व्यवस्थाएं बहुत धीमी गति से चल रही है। यही रफ्तार रही और अगर वास्तव में तीसरी लहर आई तो मासूमों पर भारी पड़ेंगी इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता।

वर्तमान में यह सुविधा
पीबीएम के शिशु अस्पताल में १८ वार्ड हैं, जिसमें १६० बेड हैं। एक आपातकालीन, दो आइसीयू, एक एनआइसीयू, चार मेडिसिन यूनिट, एक कुपोषित उपचार यूनिट है। चिकित्सकों की उपलब्धता के लिहाज से पांच प्रोफेसर, चार एसोसिएट प्रोफेसर, आठ असिस्टेंट प्रोफेसर, पांच सीनियर रेजिडेंट, पांच एमओ एवं 36 रेजिडेंट चिकित्सक ही हैं। अस्पताल का ओपीडी ५०० से ६०० का हैं।

आइसीयू के लिए जगह चिन्हित नहीं
शिशु अस्पताल के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का काम चल रहा है। आइसीयू के लिए जगह चिन्हित नहीं की गई है। एमसीएच विंग में २५ बेड का आइसीयू बनेगा लेकिन वेंटिलेटर व अन्य जीवनरक्षक उपकरण मिले नहीं है। वार्ड में भी ऑक्सीजन लाइन बिछाने का काम शेष है। सभी व्यवस्थाओं को शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
डॉ. परमेन्द्र सिरोही, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल

Atul Acharya Reporting
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