बीकानेर स्थापना दिवस : 1921 में ऐसा था बीकानेर रेलवे स्टेशन

बीकानेर स्थापना दिवस : 1921 में ऐसा था बीकानेर रेलवे स्टेशन
Mahendra Khadgawat

आज भी विशेष अवसर अथवा वीआईपी. विजिट के समय रियासत काल के दौरान जारी हिदायतों के अनुसार ही व्यवस्था की जाती है।

रियासत काल में बीकानेर राज्य में पुलिस एक्ट बनने से पहले हिदायतों कवायदों के माध्यम से लॉ एंड ऑर्डर नियंत्रित किया जाता था। 1913 में पुलिस की ओर से इस्तेमाल बारूद व गोली के संबंध में विशेष हिदायतें जारी की गई थी।



 इसी तरह  सन् 1941 को बीकानेर पुलिस (तरमीमी) एक्ट जारी किया गया। साल 1945-46 में बीकानेर राज्य का पुलिस मेनवल दो भागों में जारी किया गया। किसी वीवीआईपी के दौरे के लिए विशेष प्रकार की हिदायतें जारी की जाती थी।



 जैसा आजकल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या किसी अन्य देश के राष्ट्राध्यक्ष के आने पर जारी होती है। बीकानेर में सन् 1921 में प्रिंस ऑफ  वेल्स की बीकानेर राज्य की यात्रा के दौरान कई हिदायतें जारी की गई। जो उस समय की कानून व्यवस्था और लॉ एंड ऑर्डर की झलक दिखाती है।



हिदायतों-कवायदों से बनते थे एक्ट

बीकानेर राज्य के अन्दर एक्ट बनने से पहले प्रशासन को हिदायतों, कवायदों को इश्तहार के माध्यम से प्रचारित करना पड़ता था। जो हिदायत व कवायद प्रशासन व आम जनता के लिए जरूरी होती थी उसका एक्ट बना दिया जाता था। 



राज्य की पुलिस के लिए भी लॉ एण्ड आर्डर के लिए हिदायतें व कवायदें जारी की जाती थी। 2 दिसम्बर से 06 दिसम्बर सन् 1921 ई. में प्रिंस  ऑफ  वेल्स की बीकानेर राज्य की विजिट के लिए रेलवे, पुलिस तथा फौज के लिए कई हिदायतें जारी की गई।



 इन हिदायतों को अमल में लाने के जिम्मेदारी राज्य के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ   पुलिस की होती थी। तब इंस्पेक्टर जनरल, रेलवे पुलिस तथा पुलिस असिस्टेंट टू द गर्वनर जनरल राजपुताना को प्रिंस  ऑफ   वेल्स की यात्रा का इंचार्ज बनाया गया।



स्पेशल ट्रेन से आई प्रिंस ऑफ वेल्स

साल 1921 में प्रिंस ऑफ वेल्स स्पेशल रॉयल ट्रेन से आई। इसके आगे-आगे एक सप्लीमेंट्री ट्रेन चली जिसमें मॉर्शल, सुपरिटेंन्डेंड पुलिस जाब्ता था। बकायदा इसकी हिदायत जारी की गई। रात के समय में ट्रेन को सिगन्ल देने के लिए बारामासिंयों (खलासी) को हाथ में लेंप व मशालें दी गई।



वर्दी और बंदियों के लिए जारी कवायद

23 दिसंबर 1932  को कवायद वर्दी पुलिस के नाम से पुलिसकर्मी के पहने जाने वाली वर्दी के सबंध में हिदायतें जारी की गई। इसी तरह  राज्य की जेल की सुरक्षा व कैदियों को रखने के संबंध में भी कवायद जारी की गई। जिन्हें बाद में एक्ट में बदला गया।



हिदायतों से मिल सकती है मदद

आज भी विशेष अवसर अथवा वीआईपी. विजिट के समय रियासत काल के दौरान जारी हिदायतों के अनुसार ही व्यवस्था की जाती है। रियासतकालीन पुलिस एक्ट, हिदायतों, कवायदों, पुलिस मेनवल आदि से वर्तमान पुलिस को मदद मिल सकती है।



यूं लगती थी पिकेट

- अब वीवीआईपी के दौरे से पहले जिस तरह पुलिस तैनाती की पिकेट लगाई जाती है। रियासत काल में भी लगती थी। इसे जानने के लिए प्रिंस ऑफ वेल्स ने कुछ यूं हिदायतें जारी की गई।

- रॉयल ट्रेन के बराबर या सामने कोई भी यात्री ट्रेन खडी नहीं की जाएगी।

- पटरी लाइन की हिफाजत के लिए 6 घंटे के अन्तराल से 12 आदमी पहरा देंंगे।

- पुलिस व फौज आमने-सामने, तिरछे एक दूसरे से आधा मील के फासले पर ट्रेन के दोनों तरफ   खडे होंगे। ये लोग पटरी से दिन में 30 गज व रात में 10 गज के फांसले पर रहेंगे।

- एक इंस्पेक्टर, पांच सब-इंस्पेक्टर पटरी लाइन की निगरानी रखेंगे।

- जो भी संदिग्ध व्यक्ति शहर में पाया जाएगा और अपनी पहचान नहीं बता पाएगा उसे थाने में भेज दिया जाएगा।

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