राजनीतिक रसूख के चलते हुए तबादले

राजनीतिक रसूख के चलते हुए तबादले

 

प्रारम्भिक जिला शिक्षा अधिकारी ने निदेशक को भेजी सूचना

बीकानेर. शिक्षा विभाग में शिक्षण व्यवस्था के नाम पर शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राम्भिक) की ओर से इस व्यवस्था के तहत २१ शिक्षकों को लगाया गया है। इसकी सूचना हाल ही शिक्षा निदेशक को भेजी गई है। इसमें अधिकतर का पदस्थापन राजनीतिक रसूख के चलते हुआ है। प्रारम्भिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार राजनेताओं की सिफारिशों के आधार पर शिक्षकों को मूल पदस्थापन से दूसरे स्थानों पर लगाया गया है।हालांकि इनमें कैंसर पीडि़त, बीमार व दिव्यांग भी शामिल हैं। कुछ की अनुशंसा शिक्षा निदेशक ने की है। सिफारिश करने में शिक्षा मंत्री के पीए भी पीछे नहीं रहे। यह व्यवस्था इस शिक्षा सत्र के अंत तक प्रभावी रहेगी। सूची में
चार शिक्षकों को जयपुर, कोटा, जोधपुर व भीलवाड़ा से बीकानेर जिले में लगाया गया है, जबकि शेष १७ शिक्षकों को जिले में ही लगाया गया।

इन्होंने की सिफारिश
कार्यालय से जारी सूची के अनुसार सिफारिश करने में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी सबसे आगे रहे। उन्होंने छह शिक्षकों को शिक्षण व्यवस्था के नाम पर लगाने की सिफारिश की। हालांकि इसमें एक शिक्षक को पांचू से देशनोक लगाया गया है, जो दिव्यांग (विशेष योग्यजन) है। वहीं ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने तीन शिक्षकों को बीकानेर लगाने की अनुशंसा की थी। इसमें एक कैंसर पीडि़त है, तो दूसरे की पत्नी कैंसर पीडि़त है और एक की रीढ़ की हड्डी टेढ़ी होने से चलने में परेशान बताई गई है। खाजूवाला विधायक गोविन्द मेघवाल ने तीन, जिला प्रमुख सुशीला सींवर ने दो, शिक्षा ग्रुप-२ के उप सचिव रामेश्वरलाल जाट व शिक्षा मंत्री के पीए हेमंत ने दो शिक्षकों की अनुशंसा की है। शिक्षा निदेशक ने पांच शिक्षकों की अनुसंशा की है। इनमें चार शिक्षक अन्य जिलों के हैं।

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Ramesh Bissa Reporting
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