4 माह से लापता बीएसएफ हवलदार का मिला कंकाल, पास में मिले कागजात से पहचान

4 माह से लापता बीएसएफ हवलदार का मिला कंकाल, पास में मिले कागजात से पहचान

dinesh swami | Publish: Sep, 03 2018 07:54:31 AM (IST) Bikaner, Rajasthan, India

बीएसएफ की खाजूवाला तैनात १५७वीं बटालियन के एक हवलदार का कंकाल में बदल चुका शव खाजूवाला में झांडि़यों में मिला।

बीकानेर/खाजूवाला. बीएसएफ की खाजूवाला तैनात १५७वीं बटालियन के एक हवलदार का कंकाल में बदल चुका शव रविवार को खाजूवाला में झांडि़यों में मिला। कंकाल के पास मिले कागजात से मृतक की पहचान बीएसएफ के हवलदार जयवीर सिंह पूनिया के रूप में हुई है। जो गत २3 अप्रेल को सरकारी काम से जैसलमेर बीएसएफ बटालियन में गया था। वहां काम निपटाकर रवानगी रपट के साथ खाजूवाला के लिए रवाना हुआ लेकिन बटालियन में ड्यूटी पर नहीं पहुंचा था।

 

खाजूवाला की नई मंडी के पास बंजर भूमि में झाडि़यों में मिले इस कंकाल को पुलिस ने कब्जे में लेकर अस्पताल के मुर्दा घर में रखवाया। हवलदार के लापता होने पर बीएसएफ की ओर से खाजूवाला थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। अब करीब चार महीने बाद उसका कंकाल मिलने पर पुलिस के साथ बीएसएफ ने भी जांच शुरू कर दी है।

 

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार झांडि़यों में नर कंकाल होने की सूचना पर देर शाम पुलिस मौके पर पहुंची। कंकाल पर कपड़े मात्र ही रह गए थे। जिनमें एक चम्मच, लाइटर, रेलवे की दो टिकट, पहचान पत्र और बीएसएफ की ड्यूटी रवानगी का कागज मिला। इसके आधार पर बीएसएफ के हवलदार जयवीर सिंह के रूप में मृतक की पहचान होने पर बीएसएफ की खाजूवाला बटालियन में सूचना की। फिलहाल कंकाल को अस्पताल के मुर्दाघर में रखाया है। जहां सोमवार सुबह चिकित्सकों की टीम से जांच कराई जाएगी।

 

 

एटीएम से निकले थे पैसे
बीएसएफ के हवलदार जयबीर बरवाला हरियाणा का रहने वाला है। उसे खाजूवाला से २३ मार्च को किशनगढ़ फायरिंग रेंज में ड्यूटी पर भेजा गया। एक महीने बाद २४ अप्रेल को किशनगढ़ से रिलीव कर दिया गया। ड्यूटी पर नहीं लौटने पर १६ मई को खाजूवाला से किशनगढ़ मैसेज कर इसकी जानकारी दी गई। उधर, जयबीर के पुत्र दीपक ने १२ जून को जैसलमेर सदर थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट भी दर्ज करवा दी।

 

जांच में सामने आया कि जयबीर के एटीएम से फलसूड क्षेत्र में १० मई को पैसे निकाले गए। एटीएम के कैमरे की फुटेज से पैसे निकालने वाले की पहचान बाड़मेर निवासी खरताराम जाट के रूप में हुई। उससे पूछताछ में एटीएम कार्ड जयबीर की युनिट में तैनात सुरेन्द्र जाखड़ से मिलना बताया। जयबीर के जैसलमेर के एक होटल में रूकने के साक्ष्य भी मिले। पुलिस की जांच इससे आगे नहीं बढ़ी।

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