नहीं रुक रहा जेलों में मोबाइल का खेल, बंदियों के पास फिर मिले 12 मोबाइल और सिम

नहीं रुक रहा जेलों में मोबाइल का खेल, बंदियों के पास फिर मिले 12 मोबाइल और सिम

dinesh swami | Publish: Sep, 03 2018 08:39:51 AM (IST) Bikaner, Rajasthan, India

सरकार और जेल प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदेश की जेलों में मोबाइल का खेल रुक नहीं रहा है। आए दिन प्रदेश की किसी जेल में बंदियों के पास मोबाइल मिल रहे हैं।

बीकानेर. सरकार और जेल प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद प्रदेश की जेलों में मोबाइल का खेल रुक नहीं रहा है। आए दिन प्रदेश की किसी जेल में बंदियों के पास मोबाइल मिल रहे हैं। दो सितंबर को बीकानेर केन्द्रीय कारागार में दो बंदियों के पास से १२ मोबाइल व अन्य सामग्री बरामद की गई। बंदियों को मोबाइल पहुंचाने का आरोप जेल के एक सुरक्षा प्रहरी पर लगा है।

 

सीआई भवानीसिंह ने बताया कि बीकानेर जेल में बंदी गुरप्रित उर्फ गोपी पुत्र गुरदेवसिंह एवं नत्थासिंह पुत्र अंग्रेजसिंह के पास १२ मोबाइल, दो सिम, छह चार्जर, नौ ईयरफोन एवं दो बैट्री मिली हैं। बंदी गुरप्रित ने सुरक्षा प्रहरी सुभाषचन्द्र बिश्नोई पर मोबाइल मुहैया कराने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उप कारापाल शकुंतला की रिपोर्ट पर दोनों बंदी गुरप्रित व नत्थासिंह और सुरक्षा प्रहरी सुभाष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसआई पूर्णसिंह कर रहे हैं।

 

ये प्रकरण आ चुके हैं सामने
बीकानेर जेल से बंदी क्रिकेट सट्टा करने के साथ ठगी, नेताओं व जनप्रतिनिधियों को धमका भी रहे हैं। हर दिन कोई बंदी सोशल मीडिया पर फोटो व लाइव स्टेटस डाल रहे हैं। इसका खुलासा जेल प्रशासन की ओर से पूर्व में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान हो चुका है।

 

अब तक ५२ मोबाइल बरामद
बीकानेर जेल में पिछले चार माह में बंदियों की बैरक व उनके पास से ५२ मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मई-जून में प्रदेशभर की जेलों में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया। बीकानेर कारागार में तलाशी अभियान के दौरान 40 मोबाइल, चार्जर और सिम कार्ड बरामद हुए थे। इसकी जेल मुख्यालय सहित बीछवाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। छह मई, ३१ मई और एक जून को भी जेल प्रशासन को बंदियों के बैरक से मोबाइल व चार्जर मिले थे।

 

 

बीकानेर जेल देशभर में चर्चितकेन्द्रीय कारागार बीकानेर अतिसंवेदनशील होने के बावजूद यहां सुरक्षा बंदोबश्त लचर है। साढ़े तीन साल पहले जेल में प्रदेश के कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह व उसके विरोधी गुट के बीच हुई गैंगवार में तीन बंदियों की मौत हो गई थी। उसके बाद से बीकानेर जेल देशभर में सुर्खियों में आई। इसके बाद भी जेल में हालात अब तक नहीं सुधरे हैं। जेल से बंदियों का गवाहों को धमकाने, व्यापारियों-जनप्रतिनिधियों से ठगी और वसूली करने, गिरोह का संचालने करने के साथ-साथ क्रिकेट सट्टा करने से मामले सामने आते रहते हैं।

 

विभागीय जांच शुरू
बंदी ने सुरक्षा प्रहरी सुभाष बिश्नोई पर मोबाइल मुहैया कराने का आरोप लगाया है। सुरक्षा प्रहरी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा प्रहरी को वहां से हटाकर दूसरी जगह लगा दिया है। जांच में दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शकुन्तला, उप कारापाल, बीकानेर केन्द्रीय कारागार

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned