प्रति बीघा 15 लाख मिले मुआवजा

लूणकरनसर. भारतमाला सड़क प्रोजेक्ट के तहत केन्द्र सरकार की ओर से लूणकरनसर तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित एनएच-७५४-के एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अवाप्ति के मामले को लेकर गोपल्याण गांव में किसानों बैठक हुई। इसमें अवाप्त होने वाली कृषि भूमि का प्रति बीघा 15 से 20 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग उठाई है। इस मुद्दे को लेकर किसानों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत केन्द्र सरकार को ज्ञापन भिजवाया है।

By: dinesh swami

Published: 19 Jan 2019, 12:40 PM IST

लूणकरनसर. भारतमाला सड़क प्रोजेक्ट के तहत केन्द्र सरकार की ओर से लूणकरनसर तहसील क्षेत्र में प्रस्तावित एनएच-७५४-के एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अवाप्ति के मामले को लेकर गोपल्याण गांव में किसानों बैठक हुई। इसमें अवाप्त होने वाली कृषि भूमि का प्रति बीघा 15 से 20 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग उठाई है। इस मुद्दे को लेकर किसानों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत केन्द्र सरकार को ज्ञापन भिजवाया है। गांव में शुक्रवार को हुई बैठक में किसानों ने बताया कि सड़क परियोजना के लिए प्रभावित किसानों की कृषि भूमि के साथ मकान, ट्यूबवैल, डिग्गी, पेड़ समेत कई तरीकों से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में बारानी व नहरी क्षेत्र में किसानों की डीएलसी दरों काफी कम है लेकिन बाजार मूल्य के हिसाब से किसानों की भूमि १५ से २० लाख रुपए प्रति बीघा है तथा प्रभावित किसानों को कम से कम १५ से २० लाख रुपए मिलने चाहिए।

 

सड़क परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों की दो वरीयता बनाई जाए। इसमें कुछ आंशिक प्रभावित हो रहे हैं। जिनके खेत में किनारे से सड़क निकल रही है। इसके अलावा दूसरे पूर्ण प्रभावित होने वाले किसान है। इनके खेतों में बीच से सड़क निकल रही है। ऐसी स्थिति में किसानों को अलग-अलग वरीयता में मुआवजा तय किया जाए। इसके अलावा किसानों को भूमि के बदले भूमि दिलवाने, ग्रीन कार्ड जारी करने, किसान परिवार के सदस्यों को रोजगार उपलब्ध करवाने समेत कई मुद्दे उठाए गए। इस मौके पर मनीराम जाखड़, शिवदत्त जाखड़, खेताराम जाखड़, कालूराम, लक्ष्मणराम, लालचंद, मघाराम, रेवन्तराम शर्मा, उमाराम, भंवरलाल समेत बड़ी संख्या में मौजूद थे।

dinesh swami Reporting
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