अनदेखी: निर्माण कम्पनी की बेरुखी से अटका नोखा बाइपास

अनदेखी: निर्माण कम्पनी की बेरुखी से अटका नोखा बाइपास

dinesh swami | Publish: Nov, 14 2017 01:17:36 PM (IST) | Updated: Nov, 14 2017 01:17:37 PM (IST) Bikaner, Rajasthan, India

बीकानेर-अजमेर हाईवे-89 के आवागमन भार को कम करने के लिए चरकड़ा के पास प्रस्तावित बाइपास का काम पिछले तीन सालों से अटका है।

नोखा. नोखा शहर के बीच से गुजरते बीकानेर-अजमेर हाईवे-89 के आवागमन भार को कम करने के लिए चरकड़ा के पास प्रस्तावित बाइपास का काम पिछले तीन सालों से अटका है। चरकड़ा के पास किलोमीटर नम्बर 207-700 से बीकानेर की ओर किलोमीटर नम्बर 222-300 तक करीब 16 किलोमीटर लम्बे बाइपास निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण भी हो चुका है

 

लेकिन निर्माणकर्ता चैन्नई की कम्पनी जीवीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स हाइवे सुदृढ़ीकरण का काम बीच में छोड़कर चली गई। इससे नोखा बाइपास का काम शुरू भी नहीं हो सका। इस ओर सार्वजनिक निर्माण विभाग व स्थानीय जन प्रतिनिधियों की चुप्पी को लेकर लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।

 

कई बार उठाया मुद्दा
गौरतलब है कि कस्बे के लिए खतरनाक साबित हो रहे हाईवे के आवागमन पर अंकुश लगाने के लिए बाईपास बनाने का मुद्दा राजस्थान पत्रिका गत सात वर्षों से लगातार उठाता रहा है। बाबा छोटूनाथ स्कूल से लेकर नागौर चूंगी चौकी तक के एक किलोमीटर के मार्ग में स्कूल, अस्पताल, रोडवेज के दो बस स्टैण्ड, नवली गेट रेल फाटक, रेलवे स्टेशन, तीन पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल मार्केट व सैकड़ों दुकानें हैं। स्थानीय ट्रेफिक के हिसाब से शहर का यह सबसे व्यस्त मार्ग हाईवे के आवागमन को झेलने की स्थिति में नहीं रहा। हाईवे के अनियंत्रित यातायात के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती है।

 

कई जगह काम अधूरा
कम्पनी ने नोखा-बीकानेर के बीच कई जगह सड़क सुदृढ़ीकरण का काम भी अधूरा छोड़ दिया है। इसमें रासीसर का करीब 300 मीटर का भाग भी शामिल है। केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय तथा इस कम्पनी के बीच हुए एमओयू के आधार पर कम्पनी ने वर्ष 2014 में करीब 117 किलोमीटर लम्बे नागौर-बीकानेर खंड के टू-लेन मार्ग की चौड़ाई बढ़ाकर नवीनीकरण करने का काम शुरू किया था। काम पर 293 करोड़ रुपए खर्च होने थे।

 

भूमि का अधिग्रहण

प्लान के तहत नोखा बाईपास व हाईवे की चौड़ाई बढ़ाने के लिए केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना मुताबिक चरकड़ा गांव के विभिन्न खातेदारों के 63 खसरे, रोड़ा के 41, गोङ्क्षवदनगर के 20, नोखागांव के 10, बुधरों की ढाणी के 23, ङ्क्षहयादेसर के 3, भामटसर के 67, पारवा के 56, रासीसर बड़ाबास के 22, रासीसर पुरोहितान के 23, देशनोक के 7, पलाना के 7 व उदयरामसर के 4 खसरों की भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।

 

ऐसा लगता है निर्माण कम्पनी पर सरकार और विभाग मेहरबान है। यदि नहीं तो फिर क्यों नहीं सम्बन्धित कम्पनी के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। रासीसर के पास सड़क अधूरी रहने से लोगों को कितनी परेशानी हो रही है। विभाग के अधिकारी कम्पनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं करते। इस मुद्दे को लेकर पार्टी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करेंगे।

रामेश्वर डूडी, विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष

 

सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (हाईवे) को इस बारे में तीन बार पत्र भेज चुके हैं लेकिन विभाग कम्पनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। बाइपास बनने के बाद ही जनता को राहत मिल सकेगी।
कन्हैयालाल झंवर, पूर्व संसदीय सचिव

 

इस मुद्दे को जिला जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति की अगले माह होने वाली बैठक में उठाएंगे। सानिवि हाइवे खंड ने सड़क के अधूरे काम व नोखा बाइपास का काम शुरू करने के लिए सम्बन्धित कम्पनी को तीन बार नोटिस भी दिए हैं लेकिन कम्पनी इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस बारे में कोर्ट में कार्रवाई करेंगे।
रामङ्क्षसह चरकड़ा, सदस्य, जिला जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति

 

शहर के बीच से गुजरते हाइवे के आवागमन के दबाव को कम करने के लिए बाइपास आवश्यक है। सम्बन्धित कम्पनी के विरुद्ध कार्रवाई करके निर्माण कार्य शीघ्र चालू कराने के लिए मुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण मंत्री से आग्रह करेंगे।
बिहारीलाल बिश्नोई, सदस्य भाजपा प्रदेश कार्य समिति

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