क्रिकेट सट्टा माफिया ने भरा खाद्य आपूर्ति सप्लाई का टेंडर

- जनजाति आयुक्तालय उदयपुर ने की जांच कमेटी गठित, शिव झंवर जमानत पर रिहा, आरएल झंवर अंदर

 देश के क्रिकेट सट्टा माफिया की सूची में शामिल नोखा निवासी झंवर बंधुओं में से एक शिव झंवर उर्फ प्रेम ने जनजाति आयुक्तालय उदयपुर में टीएसपी क्षेत्र के जनजाति छात्रावासों को खाद्यान्न सप्लाई करने की निविदा भरी है। 




यह ठेका 48 करोड़ का है। इसमें झंवर ने अपनी फ र्म सोनिका कार्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के पार्टनर डायरेक्टर कंवलजीत सिंह, धनराजसिंह मांगरोल के साथ निविदा डाली है। इसका भंडाफोड़ टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर चला है। अब आयुक्तालय ने जांच कमेटी गठित की है। कमेटी पूरे मामले की जांच कर रही है।




आयुक्तालय ने हाल ही जनजाति विभाग के अधीन मां-बाड़ी केन्द्र डे-केयर केन्द्र और जनजाति छात्रावास तथा आवासीय विद्यालयों में राशन सप्लाई का 48 करोड़ रुपए की निविदा जारी की थी। इसके तहत एनसीसीएफ , सोनिका कोर्पोरशन प्राइवेट लिमिटेड़ जयपुर, मोहन ट्रेडर्स, मैसर्स केजीएम एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड़ और केन्द्रीय भण्डार जयपुर ने निविदा की कॉपियां डाली।




 यह राशन सप्लाई उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, आबूरोड और बारां में 350 जनजाति छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों में डोर टू डोर तथा लगभग एक हजार मां-बाड़ी और डे केयर केन्द्रों पर जिला स्तर से आपूर्ति सप्लाई का है। आयुक्तालय ने एक कमेटी बनाई है, जो इन टेण्डर कॉपियों का अध्ययन कर रही है। 




इस मामले को लेकर जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आयुक्त भवानी देथा का कहना है कि आयुक्तालय को प्राप्त टेण्डरों पर नियमानुसार जांच कर रही है। जो नियम से बाहर होगा, उसे डिसक्वालीफ ाई किया जाएगा। सोनिका एंटरप्राइजेज फ र्म ने निविदा कॉपी डाली है लेकिन उसके डायरेक्टर के क्रिकेट सटे में शामिल होने की हमें कोई जानकारी नहीं है।




उल्लेखनीय है कि क्रिकेट सटे का सरगना शिव झंवर अभी हाल ही में हवाला, मैच फिक्सिंग तथा फ र्जी सिम प्रकरण में बीकानेर और नागौर पुलिस की गिरफ्तारी के बाद जेल से रिहा हुआ है और इस मामले में शिव झंवर का सगा भाई रामलाल झंवर अभी नागौर जेल की सलाखों के पीछे है।




अंडरवल्र्ड संबंधों की जांच कर रही पुलिस


बीकानेर पुलिस ने गत दिनों झंवर बंधुओं के अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से संबंधों का पता लगाने के लिए केन्द्रीय एफ एसएल और अन्य एजेंसियों से जांच करवाई थी। आरोप है कि झंवर बंधुओं के पाकिस्तान तथा दुबई के कई ऐसे लोगों से संबंध उजागर हुए हैं, जिनकी मदद से करोड़ों रुपए का हवाला लेन-देन किया गया है। जानकारी में रहे कि झंवर बंधुओं पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह राजस्थान का पहला ऐसा प्रकरण है, जिसमें राष्ट्रविरोधी धारा दर्ज की गई है।



झंवर बंधुओं के अंडरवल्र्ड से जुड़े नेटवर्क खंगालने के लिए पुलिस और एटीएस के अधिकारी अभी भी जुटे हुए हैं। झंवर बंधुओं के मामले की जांच कर रहे सीओ (सदर) राजेन्द्र सिंह राठौड़ का कहना है कि झंवर बंधुओं के अंडरवल्र्ड से संबंध के सुराग मिले हैं। प्रकरण की जांच अभी जारी है। बीकानेर पुलिस की कार्रवाई के बाद इन दोनों को नागौर की कोतवाली पुलिस ने गिरफ्त में लिया और फर्जी सिम प्रकरण में रिमांड के बाद जेल भेज दिया। जहां से शिव झंवर शुक्रवार को जमानत पर रिहा होने के बाद जेल से बाहर आ गया जबकि रामलाल झंवर अभी न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल में बंद है।




झंवर बंधुओं के खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता की जांच के लिए एटीएस के साथ मिल कर कार्य कर रहे हैं। एेसे में झंवर बंन्धु के किसी भी साथी को सरकारी टैण्डर नहीं दिया जाना चाहिए।

- डॉ. अमनदीप सिंह कपूर, पुलिस अधीक्षक, बीकानेर।

dinesh swami Reporting
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