डेरूं गायन एवं नृत्य ने समा बांधा

bikanerबीकानेर थिएटर आर्ट एंड कल्चर फेस्टिवल

By: Vimal

Published: 22 Jan 2021, 08:10 PM IST

बीकानेर. बीकानेर थिएटर आर्ट एंड कल्चर फेस्टिवल में गुरुवार को पारम्परिक डेरूं का गायन, वादन एवं नृत्य की प्रस्तुति हुई। नापासर के लोक कलाकार भवानी शंकर, महावीर लोहार, मांगीलाल, किशन लाल आदि ने डेरू़ की प्रस्तुति दी। फेस्टिवल में गुलाम हुसैन का एकल तबला वादन हुआ। उन्होंने तबला वादन के माध्यम से सभी को मंत्र मुग्ध किया। मनीषा कुलश्रेष्ठ की पुस्तक मल्लिका पर अमित गोस्वामी ने लेखिका की रचना यात्रा पर संवाद किया।

वहीं विजयदान देथा की कहानी पर रचे गए नाटक मूजी सूरमा का प्रदर्शन हुआ। आयोजन से जुड़े दीपांशु तिवारी के अनुसार फेस्टिवल में राजस्थान रूरल टूरिज्म पर परिचर्चा हुई। आईएएस श्रेया गुहा ने कहा कि कोरोना काल के बाद राजस्थान में रूरल टूरिज्म की संभावनाएं बढ़ जाएगी। पर्यटक शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में घूमना अधिक पसंद करेंगे। इसलिए रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने की जरुरत है। अमितावा भट्टाचार्य ने कहा कि राजस्थान में लोक कलाओं, हस्त कलाओं और स्थानीय परम्पराओं को टूरिज्म से जोड़ा जाए तो पर्यटन की संभावनाएं बढ़ जाएगी। लोकायन अध्यक्ष महावीर स्वामी के अनुसार शुक्रवार को कच्ची घोड़ी नृत्य, लोक एवं सूफी गीतों की प्रस्तुति और राजस्थानी कविता पाठ का आयोजन होगा।

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