धोखे और बदला लेने का जुनून हत्या करके माने, तीन दोस्त गिरफ्तार

48 घंटे में ही ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
खियेरां की थी मृतक महिला
जयपुर-जोधपुर बाइपास पर अधजला मिला था महिला का शव

By: Jaiprakash

Published: 14 Aug 2020, 04:05 AM IST

बीकानेर। जयपुर-जोधपुर बाइपास पर खण्डहर भवन में अधजली हालत में मिले महिला के शव की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का ४८ घंटे में खुलासा कर तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें धोखे का बदला लेने के लिए महिला की हत्या की साजिश रची और उसे मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस अधीक्षक प्रहलादसिंह कृष्णियां ने बताया कि महिला की हत्या के मामले में भीनासर चित्रा आइस फैक्ट्री के पास रहने वाले लालचंद (२४) पुत्र प्रहलाद उपाध्याय, नत्थुसर बास बगेची के पास रहने वाले पंकज (३०) पुत्र रामेश्वरलाल प्रजापत एवं गंगाशहर विद्या बाल स्कूल के पास रहने वाले पुनमचंद (२९) ओमप्रकाश गोयल को गिरफ्तार किया गया है। महिला के ब्लैकमेल करने से लेकर धोखा देने से मुख्य आरोपी लालचंद परेशान था। उसने अपने दोस्त पुनमचंद व पंकज के साथ मिलकर पलाना के पास महिला को ले जाकर शराब पिलाई और बाद में गला घोंट कर मार दिया। पुलिस को भ्रमित करने लिहाज से शव को जयपुर-जोधपुर बाइपास के पास खण्डहर भवन में पटक कर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। इस ब्लाइंड मर्डर का सीओ सदर पवन कुमार भदौरिया, जेएनवीसी थानाधिकारी गोविंदसिंह चारण की टीम ने ४८ घंटे में ही खुलासा कर पुलिस को सफलता दिलाई। उन्होंने पूरी टीम को नकद पुरस्कार एवं विशेष सम्मान देने की घोषणा की।

यहां से शुरू हुई दास्तां
सीओ सदर पवन कुमार भदौरिया ने बताया कि असल में यह कहानी लूणकरणसर के खियेरां गांव की परमेश्वरी देवी रेगर से शुरू हुई। इसकी चूरू के सांडवा निवासी प्रभुराम से हुई थी। शादी के बाद से वह उससे अलग रह रही थी। इसी दरम्यिान परमेश्वरी का लालचंद से संपर्क हुआ। परमेश्वरी ने खुद को जाट बताया। दोनों ने कुछ समय बाद शादी कर ली। शादी के बाद परेश्वरी और लालचंद गंगाशहर चौपड़ा बाड़ी में दोस्त पुनमचंद की बुआ के घर किराए पर रहने लगे। तब लालचंद को पता चला कि परमेश्वरी जाट नहीं रेगर है। इस बात को लेकर दोनों झगड़ा हुआ। इसके बाद लालचंद परमेश्वरी से नफरत करने लगा। दोनों के बीच झगड़ों का फायदा उठाकर पुनमचंद ने उसे सहानुभूति जताते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए। परमेश्वरी ने अपने पति लालचंद से इसका उलाहना दिया।

परमेश्वरी दोनों को करने लगी ब्लैकमेल
सीआई गोविंदसिंह चारण ने बताया कि परमेश्वरी ने लालचंद और पुनमचंद को ब्लैकमेल करने लगी। उसने दोनों से तीन लाख रुपए की मांग की तथा पुनमचंद से चौपड़ा बाड़ी वाला मकान नाम करने को कहा, ऐसा नहीं करने पर ब्लात्कार के मामला दर्ज कराने की धमकी दी। इस धममी से दोनों घबरा गए और अपने दोस्त पंकज के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगाने की ठान ली।

यूं रचा पूरा षड्यंत्र
चारण ने बताया कि परमेश्वरी शराब पीने की आदी थी। इसका तीनों ने फायदा उठाया। वे आठ अगस्त को लालचंद व पुनमचंद शराब लेकर आए। इससे पहले शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से जयपुर रोड स्थित रायसर व बाइपास के पास रेकी की। यहां गणेश विहार कॉलानी में खण्डहरनुमा भवन दिखाई दिया। इसके बाद वे पुनमचंद की टैक्सी में परमेश्वर को बैठाकर पलाना की तरफ ले गए, यहां सुनसान जगह पर चारों ने बैठकर शराब पी। तीनों ने कम और परमेश्वरी को ज्यादा पिलाई। बाद में लालचंद व पुनमचंद ने टैक्सी की रस्सी से परमेश्वरी का गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर तीनों दोस्त उसके शव को बोरे में डालकर जयपुर-जोधपुर बाइपास पहुंचे, यहां खण्हर दुकान के तलघर में पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी और फरार हो गए।


इनकी मेहनत लाई रंग
जेएनवीसी सीआइ गोविंदसिंह चारण के नेतृत्व में उपनिरीक्षक मांगुराम, एएसआई ओमप्रकाश सिगड़, कांस्टेबल सवाईसिंह, बुद्धराम, सूर्यप्रकाश, अमित, अनिल राकेश बिश्नोई एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय की साइबर सेल के दिलीप सिंह की मुख्य भूमिका रही। कांस्टेबल दिलीप सिंह के सहयोग से हाल ही में पारवा मर्डर, सोने की जगह पीतल देकर साढ़े चार लाख की ठगी, कोतवाली थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यवसायी पर हमला, लूणकरनसर, देशनोक व पारवा मर्डर का भी पुलिस खुलासा कर पाई। वहीं चोरों को पकड़ाने में मुख्य भूमिका रही।


यह है मामला
मंगलवार शाम को जयपुर-जोधपुर बाइपास के पास गणेश विहार खण्डहर में महिला का अधजला शव बरामद हुआ। हत्यारों ने महिला का चेहरा जलाकर बुरी तरह खराब कर दिया, जिससे पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस के लिए महिला की पहचान करवाना और आरोपियों के बारे में पता करना चुनौती थी। पुलिस ने १२ घंटे के भीतर महिला की पहचान कर ली।


आरोपियों को मिले सख्त सजा
तीनों आरोपियों ने नृशंस हत्या की। सबूत नष्ट करने के लिए शव को जला दिया। मृतका अनुसूचित जाति की होने के कारण मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी गई है। इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर शीघ्र अनुसंधान पूरा किया जाएगा। ऑफिसर स्कीम में केस की पैरवी के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त कर आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
प्रहलादसिंह कृष्णियां, पुलिस अधीक्षक

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