scriptdrinking water crisis 10101 | जय जवान...सरहद पर प्यासा नहीं रहे कोई जीव और इंसान | Patrika News

जय जवान...सरहद पर प्यासा नहीं रहे कोई जीव और इंसान

- नहरबंदी के चलते सीमावर्ती क्षेत्र में पेयजल संकट: सीमा चौकियों में टैंकर से पहुंच रहा पानी

- धोरों में पानी के लिए भटकते पशुओं और जीव-जंतुओं के लिए जवान पानी से भर रहे खेिळयां

बीकानेर

Updated: May 16, 2022 10:09:46 am

दिनेश कुमार स्वामी

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवान दिन-रात सीमा पर चौकसी के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के लिए भी संकट में सहारा हैं। नहरबंदी के चलते पूरे जिले में पानी के लिए त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है। रेतीले धोरों में बॉर्डर पर रहने वाले बीएसएफ के जवानों के लिए बल के टैंकर पानी पहुंचा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में इंसान तो जैसे-तैसे पीने के पानी की व्यवस्था कर रहा है। जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों के लिए गला तर करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान जीव प्रेमी बनकर उनके लिए बॉर्डर पर बनाई पक्की खेळियों में टैंकर से पानी भर रहे हैं।

पशुओं के लिए टैंकर से खेळी में पानी भरते बीएसएफ के जवान
पशुओं के लिए टैंकर से खेळी में पानी भरते बीएसएफ के जवान

बीकानेर जिले से लगती डेढ़ सौ किलोमीटर से ज्यादा लम्बी सरहद का क्षेत्र नहरी पानी पर निर्भरता वाला है। अभी नहरबंदी के चलते नहरों में पानी चल नहीं रहा। गांवों में बनी डिग्गियों में भी पानी नहीं है। ग्रामीण ट्यबवेल आदि से अपने लिए पानी का बंदोबस्त कर रहे हैं। सबसे बड़ा संकट पशुधन के लिए है। ग्रामीण अपने पालतू दुधारू पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए परेशान हैं। राेही में घूमने वाले बेसहारा गोवंश और अन्य पशुओं के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। इस क्षेत्र में रहने वाले जीव-जंतु और पक्षी भी पानी के लिए परेशान हैं। ऐसे में बीएसएफ ने रोजाना अपनी चौकियों तक पानी पहुंचाने वाले टैंकरों से जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करनी शुरू की है। पक्षियों के लिए जहां तारबंदी के पास पेड़ों पर पालसिए बांधे गए हैं। उनमें रोजाना जवान पानी डालते हैं। वहीं पशुओं के लिए पानी की खेळियां बनाई हुई हैं। इनमें भी पानी भरते हैं।

हर चौकी में पानी भंडारण की व्यवस्था

बीएसएफ की सीमा चौकियों में पानी भंडारण के लिए तालाब बने हुए हैं। इनमें भरे पानी को जवान नहाने-कपड़े धोने आदि में उपयोग लेते हैं। पेयजल के लिए बीएसएफ ने अपने ट्यूबवेल खुदवा रखे हैं। साथ ही आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र के सार्वजनिक ट्यूबवेल से पानी का टैंकर भरकर लाते हैं। बीएसएफ की प्रत्येक बटालियन के पास आवश्यकता अनुसार खुद के टैंकर हैं।

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