परिसीमन से बदल सकते हैं चुनावी समीकरण

परिसीमन से बदल सकते हैं चुनावी समीकरण
Electoral equation can be changed by delimitation

Hari Singh | Publish: Jun, 19 2019 12:52:24 AM (IST) Bikaner, Bikaner, Rajasthan, India

शहर में 10 वार्ड बढऩे से नए चेहरों को मिलेगा मौका

चुनावी तैयारियों में जुटे कई नेताओं के सपनों पर हो सकता तुषारापात

बीकानेर. नोखा. नोखा में नगरपालिका का चुनाव लडऩे के इच्छुक नए चेहरों के लिए अच्छी खबर है कि शहर में अब 35 के स्थान पर 45 वार्ड होंगे यानि शहरी सरकार में अब 45 पार्षद होंगे। वार्डों के पुनर्गठन के बाद शहर में पहले से बने वार्डों की सीमा छोटी हो जाएगी।

 

वार्डों के इस परिसीमन से जहां राजनीति में भविष्य तलाश रहे नए चेहरों को मौका मिलेगा। वहीं कई दिग्गजों की सियासी जमीन भी खिसक सकती है। मतदाता बदल जाने से कई मौजूदा पार्षदों या दावेदारों को दूसरे वार्ड में नए सिरे से जाजम बिछानी पड़ सकती है। वहीं लंबे समय से चुनावी तैयारी में जुटे नेताओं के सपनों पर तुषारापात भी हो सकता है।

 

इतना ही नहीं परिसीमन से चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं। वार्डों के पुनर्गठन से भाजपा-कांग्रेस के रणनीतिकारों को भी नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। परिसीमन को कई स्थानीय नेता, जहां फायदा मानकर चल रहे हैं, वहीं कईयों को विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है।


पालिका के हाथ में होगी कमान

डीएलबी के निदेशक एवं संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार नोखा शहर में वार्डों का पुनर्गठन नगर पालिका द्वारा किया जाएगा। पालिका अधिकारी ही वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर सूची कलक्टर को सौपेंगे।

 

सूची राज्य सरकार को भेजी जाएगी। आपत्तियों का निस्तारण एवं प्रस्तावों का अनुमोदन होगा। उसके बाद ही पुनर्सीमांकन वार्डों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

वार्डों के पुनर्गठन में रखना होगा ध्यान
वार्डों के पुनर्गठन में नगर पालिका की निर्धारित सीटों के अनुरूप ही वार्ड बनाने होंगे। पूरा वार्ड एक ही पुलिस थाने की सीमा में हो। वार्डों की सीमाएं, जहां तक संभव हो सड़क या गली के आधार पर निर्धारित की जाए। यदि इससे अनुपात बिगड़ता हो तो वार्ड रेखा काल्पनिक भी रखी जा सकती है।

 

वार्ड बनाते समय कोई भी क्षेत्र वार्ड में से छूट न जाए। वार्ड इस प्रकार बनाए जाए कि वो लंबे एवं सड़कनुमा नहीं हो, साथ ही किसी वार्ड में कोई पाकेट न बन जाए। वार्ड गठन के दौरान एक ही मकान दो वार्डों में विभाजित नहीं होना चाहिए। वार्ड इस प्रकार पुनर्गठित किए जाए कि संपूर्ण वार्ड एक ही क्षेत्राधिकार में रहे और उसमें पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी एवं बिजली विभाग के अभियंताओं के क्षेत्राधिकार के साथ भी समानता रखी जाए।


ऐसे चलेगा कार्यक्रम

10 जून से 4 जुलाई तक वार्डों में पुनसीमांकन के प्रस्ताव तैयार करना एवं प्रकाशन।
5 से 15 जुलाई तक प्रस्तावों पर आपत्ति मांगना और प्राप्त करना।

16 से 22 जुलाई तक आपत्तियां राज्य सरकार को भेजना।
23 जुलाई से 6 अगस्त तक आपत्तियों का निस्तारण एवं प्रस्तावों का अनुमोदन होगा।

7 से 19 अगस्त तक पुनर्सीमांकन वार्डों का अंतिम प्रकाशन होगा।
एससी व एसटी के वार्ड आरक्षण भी निर्धारण प्रक्रिया के अनुरूप अधिकारी चिन्हित करेंगे।


तय सीमा में पूरा करेंगे कार्य

वार्डों के पुनर्गठन को लेकर विभागीय आदेश प्राप्त हुए हैं, उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार तय सीमा में कार्य किया जाएगा।

राजूराम चौधरी, कार्यवाहक अधिशाषी अधिकारी, नगरपालिका नोखा।

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