समिति की पहल बनी मिसाल, गोचर की 15 बीघा जमीन से हटे अतिक्रमण

समिति की पहल बनी मिसाल, गोचर की 15 बीघा जमीन से हटे अतिक्रमण

Anushree Joshi | Publish: Dec, 08 2017 12:06:58 PM (IST) Bikaner, Rajasthan, India

श्री कृष्ण गौ संवर्धन समिति की पहल पर गोचर भूमि पर काबिज लोगों ने स्वेच्छा से अपने कब्जे हटा लिए।

एक ओर जहां भूमाफिया की नजरें गोचर की खाली पड़ी जमीनों पर है वहीं दूसरी ओर गंगाशहर-सुजानदेसर गोचर भूमि में एक समिति की पहल और समझाईश से करीब 15 बीघा जमीन कब्जों से मुक्त हो गई है। श्री कृष्ण गौ संवर्धन समिति की पहल पर गोचर भूमि पर काबिज लोगों ने स्वेच्छा से अपने कब्जे हटा लिए।

 

जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने वर्षो पूर्व यहां बाड़ों, तारबंदी व कच्चे-पक्के निर्माण इत्यादि के माध्यम से गोचर की भूमि पर कब्जा कर रखा था। गंगाशहर-सुजानदेसर की गोचर भूमि में मीरां बाई के धोरे के पूर्व की ओर इस गोचर भूमि से कब्जे हटने के बाद जमीन के समतलीकरण का कार्य चल रहा है। समिति की ओर से यहां वाटिका बनाने और पौधरोपण करने की योजना है।

 

करीब आठ साल पुराने थे कब्जे
गंगाशहर-सुजानदेसर की इस गोचर भूमि पर करीब 7-8 वर्षो से कब्जे हो रहे थे। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष मूलचंद सामसुखा के अनुसार कब्जेधारियों की ओर से यहां बाड़े, तारबंदी व कब्जे की नीयत से कुछ सामान रखकर कब्जे किए हुए थे। गोचर भूमि को कब्जों से मुक्त करवाने के लिए कब्जेधारियों से बातचीत और समझाईश की गई। लगभग सभी ने स्वेच्छा से अपने कब्जे हटा लिए। इक्का-दुक्का जो कब्जा बचा है, उनसे भी बातचीत और समझाईश चल रही है।

 

इनका रहा प्रयास
गोचर भूमि को कब्जों से मुक्त करवाने के लिए श्री कृष्ण गौ संवर्धन समिति के अध्यक्ष बंशीलाल तंवर, कार्यकारी अध्यक्ष मूलचंद सामसुखा के नेतृत्व में कनक चौपड़ा, मैक्स नायक, बजरंग सारड़ा, जतन दुगड़, रमेश कुम्हार, झूमरमल गहलोत सहित समिति सदस्यों का प्रयास रहा।

 

गोचर से हटे कब्जे
गंगाशहर-सुजानदेसर की गोचर भूमि में मीरां बाई के धोरे के पूर्व की ओर करीब 15 बीघा जमीन पर काबिज लोगों ने समिति की समझाईश पर अपने कब्जे स्वेच्छा से हटा लिए हैं। समिति की ओर से यहां जमीन के समतलीकरण का कार्य करवाया गया है। वाटिका और पौधरोपण करने की योजना बनाई गई है। समिति गोचर भूमि के संरक्षण को लेकर कार्यरत है।
मूलंचद सामसुखा, कार्यकारी अध्यक्ष, श्रीकृष्ण गौ संवर्धन समिति, बीकानेर।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned