फसल का भुगतान नहीं मिलने पर किसानों में रोष

खाजूवाला में समर्थन मूल्य पर मूंगफली तुलाई खरीद का भुगतान करीब दो सप्ताह के बाद भी नहीं मिलने पर शनिवार को किसानों ने रोष व्यक्त कर प्रदर्शन किया। इन दिनों खाजूवाला, दंतौर, छतरगढ़ व पूगल खरीद केन्द्रों पर सरकार द्वारा मूंगफली की सरकारी खरीद की जा रही हैं लेकिन किसानों को भुगतान नहीं मिलने से परेशानी उठानी पड़ती है।

By: dinesh swami

Published: 30 Dec 2018, 11:49 AM IST

खाजूवाला में समर्थन मूल्य पर मूंगफली तुलाई खरीद का भुगतान करीब दो सप्ताह के बाद भी नहीं मिलने पर शनिवार को किसानों ने रोष व्यक्त कर प्रदर्शन किया। इन दिनों खाजूवाला, दंतौर, छतरगढ़ व पूगल खरीद केन्द्रों पर सरकार द्वारा मूंगफली की सरकारी खरीद की जा रही हैं लेकिन किसानों को भुगतान नहीं मिलने से परेशानी उठानी पड़ती है।

 

किसान ईमीलाल गोदारा, बृजलाल व रामस्वरूप गोदारा ने बताया कि खाजूवाला में राजफैड की ओर से 14 नवम्बर से मूंगफली की खरीद शुरू की। शुक्रवार तक खरीद केन्द्रों पर 70 हजार बोरियों की तुलाई हो चुकी है लेकिन इसमें से अभी तक किसी किसान को भुगतान नहीं हुआ है।

 

बेरियावाली क्रय विक्रय सहकारी समिति की ओर से किसानों का 12 करोड़ का भुगतान अन्नदाताओं का बकाया हैं। छतरगढ़ खरीद केन्द्र पर किसानों का एक करोड़ 65 हजार बकाया भुगतान है। साथ ही दंतौर व पूगल खरीद केन्द्रों पर भी करोड़ों का भुगतान बकाया हैं। किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

 

उधर, खाजूवाला खरीद केन्द्र प्रभारी सुनील कुमार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उच्च अधिकारियों से वार्ता हुई है। आगामी सोमवार तक कुछ किसानों को भुगतान मिलेगा।

 

राजफैड के नए आदेश से किसानों में रोष
बज्ज. राजफैड की ओर से नए आदेश जारी करने पर क्षेत्र के किसानों में रोष है। इसको लेकर किसानों ने धरना प्रदर्शन कर अनाज मंडी बंद करने की चेतावनी दी है। जिला परिषद सदस्य बालुराम खीचड़ ने बताया कि राजफैड ने २८ दिसम्बर को नया आदेश जारी किया है जिसमें इन दिनों चल रही खरीद केन्द्र केन्द्र पर तुलाई के लिए बंटाईदार का स्टाम्प ६ माह पुराना होना चाहिए।

 

अचानक यह नया नियम आने पर किसानों ने बताया कि पूर्व नियमों में स्टाम्प की समय सीमा निर्धारित नही थी जिससे किसान एक से दो दिन पहले या उसी दिन स्टाम्प खरीद कर खरीद केन्द्र पर जमा करवा देता था और मूंगफली की तुलवाई हो जाती थी लेकिन अब नए नियम से किसानों में रोष है।

 


कहां से लाएं पुराना स्टाम्प
खीचड़ ने बताया कि करीब दो महीने से खरीद केन्द्र पर मंूगफली की तुलाई हो रही है लेकिन अब नया नियम आने से सैकड़ों किसानों को पुराना स्टाम्प देना होगा। नियमानुसार पुराना स्टाम्प उपलब्ध नहीं होता है। किसानों ने बताया कि इस तरह का नया नियम उसी समय लागू होता तो किसान पहले से इसकी व्यवस्था करते।

 


तुलाई से सैकड़ों किसान होंगे वंचित
क्षेत्र के सैकड़ों किसान नए नियम से मूंगफली तुलाई से वंचित रह जाएगे। इसको लेकर किसान आन्दोलन के मंूड में है। किसानों ने बताया कि इस तरह का नियम टोकन बनाते समय हो जाता तो किसान टोकन व अन्य कागजातों के रुपए खर्च नहीं करते लेकिन अब गिरदावरी सहित अन्य कागजात ले लिए हैं। नए नियम से तुलाई से वंचित रह जाएंगे।

 

 

भाकिसं ने केन्द्रीय मंत्री के समक्ष रखी मांगें
श्रीडूंगरगढ़. भारतीय किसान संघ परिसंघ सिफा ने भारत के किसानों एवं बेरोजगार युवाओं को आर्थिक स्थिति सुधारने को लेकर जल संसाधन मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को पत्र दिया है। परिसंघ के उपाध्यक्ष कन्हैयालाल सिहाग ने पत्र में लिखा है कि किसान के कृषि लागत मूल्यों की राज्य सरकार से आई हुई भावों की सूची से लागत का पचास प्रतिशत लाभकारी मूल्य दिया जाए।

 

मूल्य निर्धारण आयोग ने जिन कृषि जिन्सों का न्यूनतम लाभकारी लागत का पचास प्रतिशत मूल्य तय किया हो किसान की सम्पूर्ण गिरदावरी के अनुसार फसल खरीद की जाए। मूल्य निर्धारण आयोग को वैधानिक दर्जा दिया जाए। देश के किसानों का सम्पूर्ण कृषि ऋण माफ किया जाए और इसमें कृषि उपकरण, नलकूप, ट्रेक्टर आदि को भी जोड़ा जाए।

 

सिहाग ने बताया है कि साठ साल से अधिक उम्र वाले किसानों को एक गरीब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मानते हुए दो हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन की व्यवस्था की जाए। किसानों की उपज को मण्डियों में एमएसपी की दर से फसल को बिक्री की व्यवस्था की जावे।

dinesh swami Reporting
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