मंदिर सजे, मोदक बने, घर-घर होगा प्रथम पुज्य का पूजन

गणेश चतुर्थी आज - मंदिरों में होंगे अभिषेक-पूजन
घरों में स्थापित होगी भगवान गणेश की प्रतिमाएं

दस दिवसीय गणेश पूजन महोत्सव का होगा आगाज

By: Atul Acharya

Published: 10 Sep 2021, 09:57 AM IST

बीकानेर. प्रथम पुज्य देव भगवान गणेश का प्राकट्य दिवस गणेश चतुर्थी शुक्रवार को मनाई जाएगी। घर-घर और मंदिरों में भगवान गणेश का अभिषेक, पूजन, शृंगार कर महाआरती की जाएगी। मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान होंगे। गणेश चतुर्थी से दस दिवसीय गणेश पूजन महोत्सव की शुरुआत होगी। घरों में भगवान गणपति की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालु व्रत-उपासना करेंगे। मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान होंगे। घरों के मुख्य द्वार के ऊपर स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं का अभिषेक, पूजन कर तेल, सिंदूर, बर्ग, माली पाना, रोली, धूप, दीप, नैवेद्य, केशर, चंदन, इत्र, पुष्प माला आदि पूजन सामग्री से पूजन कर मोदक का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु लक्ष्मी गणेश स्त्रोत, संकटनाशक स्त्रोत, गणेश अथर्वशीष, गणेश सहस्त्रनाम स्त्रोत पाठ करेंगे।

रंग बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर

गणेश चतुर्थी को लेकर शहर के कई गणेश मंदिरों को रंग बिरंगी रोशनियों से सजाया गया है। निज मंदिरों का विभिन्न प्रकार के पुष्पों से शृंगार किया गया है। मंदिर परिसर के बाहरी स्थानों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई है। वहीं कई मंदिरों में विभिन्न प्रकार के सजावटी सामानों से आकर्षक सजावट की गई है। नत्थूसर गेट के बाहर स्थित बड़ा गणेश मंदिर, इक्कीसिया गणेश मंदिर, भालचन्द्र गणेश, डूडी पेट्रोल पम्प के पीछे स्थित कान गणेश, जूनागढ़ स्थित गढ़ गणेश, दाऊजी रोड स्थित श्री आदि गणेश, स्टेशन रोड मोहता धर्मशाला स्थित गणेश मंदिर, कोटगेट सट्टा बाजार स्थित गणेश मंदिर सहित विभिन्न गणेश मंदिरों में देर रात तक तैयारियां चलती रही।

मोदक-पूजन सामग्री की खरीदारी
गणेश चतुर्थी को लेकर गुरुवार को शहर के बाजारों में विशेष रौनक रही। गणेश पूजन को लेकर विभिन्न प्रकार की पूजन सामग्री की खरीदारी हुई। मिठाई की दुकानों पर बूंदी के लड्डुओं की विशेष बिक्री रही। घर-घर पूजन के कारण बड़ी मात्रा में मोदक की खरीदारी हुई। पुष्पमालाओं की खरीदारी चलती रही।

गणेश पूजन का विशेष महत्व

ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार वेद, पुराण, उपनिषद और धर्मग्रंथों में प्रथम पूज्य देव भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है। भगवान गणेश के वेदोक्त मंत्र ऋग्वेद में है। गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल में भगवान गणेश का अभिषेक,पूजन कर आरती की जाएगी। पंडित किराडू के अनुसार वैदिक ग्रंथों में पूजन सहित षोडशोपचार पूजन का उल्लेख है। श्रद्धालु अलग-अलग कामनाओं को लेकर भगवान गणेश का पूजन और अर्चन करते है। लक्ष्मी गणेश स्त्रोत, संकटनाशक स्त्रोत, गणेश अथर्वशीष, गणेश सहस्त्रनाम स्त्रोत किया जाता है।

Atul Acharya Reporting
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