गणगौर प्रतिमाओं के आगे छप्पन भोग श्रृंगारित, घूम रहा घुड़ला

गणगौर पूजन उत्सव परवान पर, गूंज रहे गणगौरी गीत

By: Vimal

Published: 12 Apr 2021, 10:48 AM IST

बीकानेर. शहर में गणगौर पूजन उत्सव परवान पर है। बालिकाओं के साथ-साथ महिलाएं भी मां गवरजा की पूजा-अर्चना में व्यस्त है। सुबह से देर रात तक घर-घर और गली-मोहल्लों में पारम्परिक गणगौरी गीत गूंज रहे है। बालिकाएं और महिलाएं गवर को बासा देने की रस्म के दौरान प्रतिमाओं के आगे छप्पन भोग सजाकर गवरजा के गीत गा रही है और नृत्य कर पर्व की खुशियां मनाई जा रही है।

गणगौर गोठ के दौर चल रहे है। पुरुषों की गायन मंडलियों की ओर से जगह-जगह गणगौरी गीतों का गायन किया जा रहा है। बारह गुवाड चौक ओझा गली सूरदासाणी भवन में गणगौर उत्सव मनाया गया। गणगौर प्रतिमाओं के समक्ष छप्पन भोग सजाए गए। बालिकाओं व महिलाओं ने गीत गाकर नृत्य प्रस्तुत किए।


म्हारी रूई बळै रेशमदार, घुड़लो घूमेला जी घूमेला
शीतला अष्टमी से बालिकाएं घुड़ला घुमाने की परम्परा का निर्वहन कर रही है। शाम होते ही गणगौर पूजन करने वाली बालिकाएं हाथों में मिट्टी से बना घुड़ला जिसमें बालू मिट्टी डालकर उस पर जलता हुआ दीपक रखकर पारम्परिक गीत म्हारो तेल बळै घी घाल, घुड़लो घूमेला जी घूमेला के स्वरों के साथ घर, परिवार और गली-मोहल्लों में स्थित घरों पर पहुंच रही है। परम्परा अनुसार घर, परिवार और गली-मोहल्लों के लोग बालिकाओं को नकद राशि दे रहे है। धुलंडी के दिन से शुरू हुए गणगौर पूजन उत्सव की पूर्णाहुति तक घुड़ला घुमाने की रस्म का निर्वहन होती है।

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