गणगौरी तीज आज, घर-घर होगी पूजा-अर्चना

बाला गणगौर पूजन उत्सव की होगी पूर्णाहुति, गणगौर प्रतिमाओं के आगे होंगे गीत-नृत्य

By: Vimal

Published: 15 Apr 2021, 04:37 PM IST

बीकानेर. धुलंडी के दिन से चल रहे बाला गणगौर पूजन उत्सव की पूर्णाहुति गणगौरी तीज और चतुर्थी को होगी। पिछले अठारह दिनों से मिट्टी के पालसिए में गणगौर का पूजन कर रही बालिकाएं गवर को पूगाने की रस्म का निर्वहन करेंगी। कुछ बालिकाएं गुरुवार को और कुछ शुक्रवार को पूजन उत्सव की पूर्णाहुति कर गवर को पूगाने की रस्म निभाएगी।

शहर में निर्धारित स्थलों पर गवर पूगाने की परम्परा का निर्वहन होगा। इस दौरान घर-घर में गणगौर प्रतिमाओं का पूजन होगा। बालिकाएं व महिलाएं गणगौर प्रतिमाओं के आगे गणगौरी गीतों का गायन कर नृत्य प्रस्तुत करेगी। गणगौरी तीज पर घर-घर में गणगौर प्रतिमाओं का पूजन होगा। बालिकाएं व महिलाएं गणगौर प्रतिमाओं के समक्ष विविध पकवानों का भोग अर्पित करेंगी। बासा देने की रस्म का निर्वहन होगा। पुरुषों की गायन मंडलियों की ओर से पारम्परिक गणगौरी गीतों का गायन किया जाएगा। इस बार गणगौर पूजन उत्सव पर कोरोना महामारी का असर नजर आ रहा है।

 

गूंज रहे गणगौरी गीत
बाला गणगौर पूजन उत्सव परवान पर है। बालिकाएं तीन प्रहर गणगौर पूजन कर दांतणिया और घुड़ला घुमाने की रस्म निभा रही है। घरों व मोहल्लों में गवर का बासा देने की परम्परा का निर्वहन किया जा रहा है। बालिकाएं व महिलाएं सामुहिक रूप से गणगौर प्रतिमाओं का पूजन, श्रृंगार कर गीतों का गायन कर रही है। दोपहर और देर शाम से रात तक गणगौरी गीत गूंज रहे है। गणगौर गोठ के दौर चल रहे है। गणगौर पूगाने की रस्म के दौरान एक समान वेशभूषा और सजधज कर जाने की तैयारियों में बालिकाएं जुटी हुई है।

 

जूनागढ़ से नहीं निकलेगी गणगौर सवारी
गणगौरी तीज पर जूनागढ़ जनाना ड्योढ़ी से शाही लवाजमें के साथ गणगौर की सवारी निकलने की परम्परा है। कोरोना महामारी के कारण इस बार भी गणगौर की सवारी नहीं निकलेगी। महाराजा रायसिंह ट्रस्ट के प्रबंधक कर्नल देवनाथ सिंह के अनुसार चैत्र मास की तृतीया और चतुर्थी तिथि को दो दिन जूनागढ़ से गणगौर की सवारी निकाली जाती है। सवारी चौतीना कुआ पहुंचती है और वहां गणगौर प्रतिमा को पानी पिलाने और भोग अर्पित करने की परम्परा का निर्वहन होता है। जिला प्रशासन से गणगौर सवारी निकलने की अनुमति नहीं मिलने के कारण इस बार सवारी नहीं निकलेगी। उन्होंने बताया कि चौतीना कुआ पर पहुंचने वाली गणगौर प्रतिमाओं के खोळा भरने की रस्म भी इस बार नहीं होगी। पिछले साल भी कोरोना महामारी के कारण गणगौर की सवारी नहीं निकली थी।

 

ढढ्ढा चौक में नहीं भरेगा मेला
कोरोना महामारी के कारण ढढ्ढा चौक में भरने वाला चांदमल ढढ्ढा की गणगौर का दो दिवसीय मेला इस बार नहीं भरेगा। मेला आयोजन से जुड़े किशन कुमार कोठारी और यशवंत कोठारी के अनुसार चांदमल ढढ्ढा के पैतृक निवास में गणगौर प्रतिमा का पूजन, श्रृंगार कर पानी पिलाने और भोग अर्पित करने की परम्परा यथावत रहेगी। ढढ्ढा चौक प्रांगण में गणगौर प्रतिमा को विराजित कर गीत-नृत्य के आयोजन कोरोना महामारी के कारण नहीं होंगे। हर साल ढढ्ढा चौक में दो दिवसीय मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल होते है व गणगौर प्रतिमा के दर्शन करते है। महिलाएं गणगौर प्रतिमा के समक्ष नृत्य प्रस्तुत करती है।

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