गणगौरी तीज 15 को, हो रहा तीन पहर गणगौर पूजन

दांतणिया, घुड़ला और बासा देने के दौरान गूंज रहे गणगौरी गीत

By: Vimal

Published: 08 Apr 2021, 04:50 PM IST

बीकानेर. धुलंडी के दिन से चल रहा गणगौर पूजन परवान पर है। घर-घर और गली-मोहल्लों में गणगौर के गीत गूंज रहे है। तीन पहर गणगौर का पूजन चल रहा है। बालिकाएं जहां अलसुबह घरों की छतों पर मिट्टी के पालसिए में मां गवरजा का पूजन कर रही है, वहीं दोपहर बाद दांतणिया देने का क्रम चल रहा है। शाम को गवर का बासा देने और गणगौर प्रतिमाओं के समक्ष गीत-नृत्य के आयोजन चल रहे है। देर शाम बाद बालिकाएं घुड़ला घुमाने की परम्परा का निर्वहन कर रही है।

 

गणगौर पूजन उत्सव में गणगौरी तीज 15 अप्रेल व चतुर्थी 16 अप्रेल को है। इन दोनों दिनों में वृृहद स्तर पर गणगौर की पूजा, मेला व उत्सवों के आयोजन होंगे। धूलंडी से गणगौर पूज रही बालिकाएं इन दोनों दिनों मेंं गाजे बाजे के साथ पूजन सामग्री का विसर्जन करेंगे। मथैरण चौक, जस्सूसर गेट, गंगाशहर, महात्मा गांधी मार्ग, बड़ा बाजार, तोलियास भैरव गली आदि स्थानों पर गणगौर प्रतिमाओं की बिक्री के साथ इनको सजाने का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। महिलाएं व बालिकाएं सिर पर गणगौर की प्रतिमा को लेकर बाजारों में घूमकर गणगौर के खोळ भरवाने की रस्म का स्मरण दिला रही है। पुरुषों की गायन मंडलिया पारम्परिक गणगौरी गीतों का गायन कर रहे है।

 

गणगौर गोठ, प्रतिमाओं का श्रृंगार
बालिकाएं व सुहागिनें घर की बड़ी बुर्जुग महिलाओं के मार्ग दर्शन में पारम्परिक के साथ प्रचलित लोकगीतों व फिल्मी गीतों की धुनों पर गीत गा रहीं है तथा गणगौर, ईसर व भाईए की प्रतिमाओं के श्रृृंगार कर रही है तथा विभिन्न व्यंजनों का भोग लगा रही है। बालिकाएं गणगौरों गीतों के साथ गोठों का आयोजन कर रही है। आपस में हंसी ठिठोली के साथ पैरोड़ी गीतों के साथ पर्व का आनंद ले रही है।

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