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बीकानेर. देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के गेस्ट फैकल्टी के रूप में लगे शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। उनके मानदेय में करीब पचास फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को तत्काल प्रभाव से नए नियम लागू कर मानदेय देने के निर्देश दिए हैं। यह मानदेय सातवें वेतन आयोग को ध्यान में रखते हुए दिया जाएगा।
इस निर्णय के बाद विश्वविद्यालय में गेस्ट शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति और रजिस्ट्रार को पत्र भेजा है। नया नियम केन्द्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य और मानद विश्वविद्यालयों के अलावा वित्त पोषित शैक्षणिक संस्थानों पर भी लागू होगा।
यूजीसी काउंसिल की 10 दिसंबर को 537वीं बैठक में गेस्ट फैकल्टी के मानदेय में संशोधन का फैसला किया गया था। गेस्ट फैकल्टी को प्रति लेक्चर के एक हजार रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए मिलेंगे और अधिकतम 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके लिए 70 साल तक के शिक्षक पात्र होंगे।
गेस्ट फैकल्टी को मानदेय बढ़ाने से अधिक प्रोत्साहन से काम करने का उत्साह रहेगा। यह सुखद निर्णय है।
डॉ. चन्द्रशेखर श्रीमाली, कॅरियर काउंसलर।
यूजीसी के नियमों में संशोधन से शिक्षक बहुत खुश है। इस निर्णय का स्वागत करते हैं। इससे शैक्षणिक ढांचे में सुधार होगा।
डॉ. अमित व्यास, गेस्ट फैकल्टी, एमजीएसयू।
Published on:
3 Feb 2019, 8:54 AM IST
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