वार्ड के लोगों की भिन्न-भिन्न विचारधारा के वोटरों से मिलकर एक विकासशील व सामाजिक विचारधारा के साथ पार्षद की परिभाषा होती है।
आज के समय में सब उलट हो रहा है। पार्षद ना तो अपना राजनीतिक विकास करता है, ना क्षेत्र का। अतः पार्षदों को सोचना एवं समझना होगा कि वह अपने धर्म का, चरित्र का और कर्तव्य का निर्वाह कर रहे है या नहीं।