हरियाली अमावस्या : वैष्णव मंदिरों में झूला मनोरथ

हरियाली अमावस्या : वैष्णव मंदिरों में झूला मनोरथ

dinesh swami | Publish: Aug, 12 2018 10:16:21 AM (IST) Bikaner, Rajasthan, India

बीकानेर. 'तैसो ही वृंदावन, तैसी ये हरितभूमि, झूलत श्याम हिण्डोल, हिण्डो रे माई कुसुमन।Ó सरीखे झूला पदों से शनिवार को वैष्णव मंदिर गूंज उठे। अवसर था हरियाली अमावस्या पर विशेष झूला मनोरथ का। इस मौके पर ठाकुरजी को झूले में बिठाया गया। शाम को दर्शन खुलने के बाद आरती की गई।

बीकानेर. 'तैसो ही वृंदावन, तैसी ये हरितभूमि, झूलत श्याम हिण्डोल, हिण्डो रे माई कुसुमन।Ó सरीखे झूला पदों से शनिवार को वैष्णव मंदिर गूंज उठे। अवसर था हरियाली अमावस्या पर विशेष झूला मनोरथ का। इस मौके पर ठाकुरजी को झूले में बिठाया गया। शाम को दर्शन खुलने के बाद आरती की गई।

रतन बिहारी मंदिर, गिरिराज मंदिर, बि_लनाथ, दाऊजी मंदिर, मूंधड़ा बगीची स्थित प्राचीन मंदिर में हरे पत्तों से विशेष शृंगारित झूले में ठाकुरजी को बिठाया गया। श्रद्धालु महिलाओं ने झूला पदों को सुनाकर ठाकुरजी को रिझाया। आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। बिस्सा चौक स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में हर पत्तों से झूला सजाया। मुखिया विष्णुदत्त व्यास ने ठाकुरजी का शृंगार कर आरती की।

 

पंचामृत से अभिषेक
कोटगेट सट्टा बाजार स्थित श्री ब्राह्मण स्वर्णकार गणेश मंदिर ट्रस्ट की ओर से हरियाली महोत्सव मनाया गया। पुजारी शंकर सेवग ने बताया कि सुबह चार बजे पंचामृत से अभिषेक और अशोक के हर पत्तों का विशेष शृंगार किया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

 

गोचर में पौधरोपण
जनक्रांति फाउण्डेशन की ओर से हरियाली अमावस्या पर गंगाशहर गोचर भूमि में पौधरोपण किया गया। साथ ही पौधों की सार-संभाल का संकल्प लिया गया। संरक्षक कुलदीप कड़ेला ने बताया कि फाउण्डेशन की ओर से वृक्षदान अभियान भी चलाया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति पौधे फाउण्डेशन को दान कर सकता है। संस्था की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर अमर शहीदों की स्मृति में शहीद पार्क में पौधरोपण किया जाएगा।

 

हवन पूजन के साथ पौधरोपण
सींथळ. यहां बाबा प्रेमदास व वीरभान चावड़ा की तपोस्थली बाबे के धोरे पर जन्म शताब्दी पर शनिवार सुबह वन महोत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर हवन एवं प्रसाद वितरण किया गया तथा पौधरोपण कार्यक्रम भी रखा गया। कार्यक्रम में सींथळ के पीठाधीश्वर क्षमारामजी का सानिध्य हुआ। उन्होंने प्रवचन में हरियाली अमावस्या की महत्ता के बारे में बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाइस चांसलर तकनीकी विश्वविद्यालय बीकानेर हाकमदान चारण व विशिष्ट अतिथि पद्मश्री सूर्यदेव सिंह बारठ थे। कार्यक्रम में उत्तर भारतीय चारण सभा दिल्ली अध्यक्ष राकेश कोचर भी अतिथि थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। इस दौरान बाबे के धोरे में अहम योगदान देने वाले पर्यावरण प्रेमी रामदयाल बीठू को याद किया। कार्यक्रम में डॉ. कुलदीप सिंह बीठू एवं सरपंच शशि किरण बीठू ने पौधरोपण किया। इस दौरान बाबे के धोरे के विकास के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें अध्यक्ष उम्मेदसिंह बीठू को बनाया गया। वहीं जगदेवसिंह बीठू उपाध्यक्ष, सवाई सिंह सचिव व प्रदीप मोहता को कोषाध्यक्ष बनाया गया।

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