करो आशापुरा आनंद शहर बीकाणे में...

'बनो सहायक छन्द बनाने में, करो आशापुरा आनंद शहर बीकाणे में।Ó मां आशापुरा की वंदना के साथ ही शनिवार रात को बिस्सा चौक में शहजादी नौटंकी रम्मत का अंतिम पूर्वाभ्यास हुआ। इसमें बड़ी संख्या में कलाकारों ने रम्मत के संवादों का अभ्यास किया।

By: Ramesh Bissa

Published: 10 Mar 2019, 01:28 PM IST

बीकानेर. 'बनो सहायक छन्द बनाने में, करो आशापुरा आनंद शहर बीकाणे में।Ó मां आशापुरा की वंदना के साथ ही शनिवार रात को बिस्सा चौक में शहजादी नौटंकी रम्मत का अंतिम पूर्वाभ्यास हुआ। इसमें बड़ी संख्या में कलाकारों ने रम्मत के संवादों का अभ्यास किया। रम्मत का मंचन १६ मार्च की रात से बिस्सा चौक में होगा।
आशापुरा कला नाट््य संस्थान के तत्वावधान में मंचित होने वाली रम्मत का कथानक देवर-भाभी की चुहन्लबाजी पर केन्द्रित रहेगा। इसमें सबसे पहले मां आशापुरा का पदार्पण होगा। इसके बाद कई अलग-अलग पात्र मंच पर आएंगे। मध्य रात्रि के बाद मुख्य पात्र पंजाबी, भूपङ्क्षसह, शहजादी, मालिन सहित अन्य पात्रों का मंच पर पदार्पण होता है। रम्मत का पूर्वाभ्यास बसंत पंचमी से शुरू हुआ था, शनिवार रात को अंतिम अभ्यास हुआ।

दिया तइना तान के...
रम्मत की कथा मुल्तान की बताई जाती है। संस्थान के कृष्ण कुमार बिस्सा बताते हैं कि बिस्सा चौक में सैकड़ों साल से रम्मत का मंचन हो रहा है। रम्मत के संवाद 'दिया तइना तान के, मार गई शमसेर...परत फोर निकली उधर..., कैहन की करी कटारी रे... अरी मालिन सुन लेना रे..., सरीखे संवाद लोगों की जुबां पर चढ़ रहे हैं।

इनकी रहेगी भागीदारी
रम्मत में कृष्ण कुमार बिस्सा, इंद्र कुमार, रामकुमार, गोविन्द गोपाल, मनोज कुमार, प्रेम माली आदि कलाकार भागीदारी निभा रहे हैं।

यहां चल रहा पूर्वाभ्यास
होलाष्टक के साथ ही शहर में रम्मतों का मंचन शुरू हो जाएगा। इसमें सबसे पहले नत्थूसर गेट के अंदर फक्कड़दाता रम्मत का मंचन होगा। इसका पूर्वाभ्यास चल रहा है। इसके अलावा आचार्य चौक में अमरसिंह राठौड़, मरुनायक चौक में हडाऊ मेहरी, बारहगुवाड़ में स्वांग मेहरी, हडाऊ मेहरी, नथानी सराय में भक्त पूर्णमल रम्मत का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है।

Ramesh Bissa Reporting
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