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बीकानेर

मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था अवैध निजी अस्पताल, प्रशिक्षित स्टाफ मिला न डॉक्टर

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने पुलिस जाब्ते के साथ जब मेडिकल एवं जनरल स्टोर के नाम से संचालित निजी क्लिनिक पर छापा मारा, तो चौंकाने वाला सच सामने आया

बीकानेरJul 05, 2024 / 06:05 pm

Hari

नोखा में अवैध निजी अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज का इलाज करते हुए।

पांच बेड का वार्ड और लेबररुम भी बनाया था, वार्ड में महिला मरीज को भर्ती कर किया जा रहा था इलाज, स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन ने की कार्यवाही, बीसीएमओ ने दर्ज कराई रिपोर्ट

बीकानेर. पंजीकरण की शर्तों का उल्लंघन कर मनमाने ढंग से संचालित एक निजी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग का चाबुक गुरुवार को चला। नोखा के मस्जिद चौक में मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रुप से एक निजी अस्पताल चलाया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने पुलिस जाब्ते के साथ जब बालाजी मेडिकल एवं जनरल स्टोर के नाम से संचालित निजी क्लिनिक पर छापा मारा, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। यहां आगे मेडिकल स्टोर और पीछे पूरा अस्पताल चलाया जा रहा था। अस्पताल में पांच बेड का वार्ड बनाया था और उसमें एक महिला मरीज को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। इतना ही नहीं एक बंद कमरे का ताला खुलवाकर चेक किया गया, तो अधिकारी भी आश्चर्य चकित रह गए, अंदर पूरा लेबर रूम का सेटअप बनाया था। इसमें लेबर टेबल, लेबर उपकरण व अवैध दवाइयां पाई गई। वार्ड में भर्ती मरीज के पास बायो मेडिकल वेस्ट के लिए एक बाल्टी रखी थी, उसमें ग्लूकोज की खाली बोतलें पड़ी थी। महिला मरीज के पास इलाज से संबंधित कोई पर्ची नहीं मिली, ना ही अस्पताल में मरीज रजिस्ट्रेशन का रेकॉड व रजिस्टर मिला। इस संबंध में अस्पताल में मौजूद संतोष जाट से पूछा, तो उसने बताया कि यह सब डॉक्टर साहब के अधीन हैं, लेकिन मौके पर ना कोई डॉक्टर मिला, ना ही डॉक्टर की उपस्थिति के कोई कागजात मिले। कार्रवाई टीम ने निजी अस्पताल को बंद करा दिया। बाद में बीसीएमओ डॉ. कैलाश गहलोत थाने पहुंचे और इस मामले की पूरी रिपोर्ट दर्ज कराई।
इलाज करने वाली भी नहीं प्रशिक्षित

शहर में अवैध रुप से संचालित हो रहे इस निजी अस्पताल में कार्रवाई के दौरान मौके पर एक महिला वार्ड में भर्ती मरीज का इलाज करते हुए मिली। उसने अपना नाम संतोष देवी बताया और पूछने पर उसने अपने आपको नर्सिंग प्रशिक्षित होना बताया, लेकिन मौके उसके पास किसी तरह की नर्सिंग डिग्री संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिले।
झोलाछाप में मचा हड़कंप

क्षेत्र में दर्जनों ऐसे झोलाछाप बैठे हैं, जो गांवों में भोले-भाले लोगों को अपने आप को डॉक्टर बताकर उनका इलाज करते हैं। इसकी एवज में उनसे मोटी रकम भी वसूलते हैं। इन पर कोई कार्रवाई नहीं होने से ये बेखौफ होकर अपनी दुकानदारी चलाते रहते हैं। गुरुवार को नोखा में हुई इस कार्रवाई के बाद झोलाछाप में हड़कंपमच गया, कुछ दुकान बंद कर चले गए, तो कुछ भूमिगत हो गए।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

बीसीएमओ डॉ. गहलोत ने बताया कि इस निजी क्लिनिक पर कोरोना काल के समय भी कार्रवाई हो चुकी है। उस समय यह दूसरी बिलडिंग में चौधरी हॉस्पीटल के नाम से चलता था। वहां से बंद करने के बाद बालाजी क्लिनिक एवं जनरल स्टोर के नाम से संचालित किया जा रहा था।
कार्रवाई टीम में शामिल

अवैध निजी अस्पताल पर कार्रवाई करने वाली टीम में बीसीएमओ डॉ. गहलोत, नायब तहसीलदार नरसिंह टांक, ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मीणा, एएनएम सुशीला सहित पुलिस जाब्ता शामिल रहा।

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