बीकानेर में यात्री बढ़े व ट्रेन भी बढ़ीं, पर प्लेटफार्म पर टिनशेड का नहीं हुआ विस्तार

Jitendra Goswami | Updated: 14 Jun 2019, 10:54:43 AM (IST) Bikaner, Bikaner, Rajasthan, India

'ए क्लास स्टेशनों में शुमार है बीकानेर; रोजाना 18 हजार से 20 हजार तक यात्रियों का आवागमन

बीकानेर. 'भीषण गर्मी का दौर यात्रियों के लिए है, रेलवे के लिए यह मायने नहीं रखता।Ó बीकानेर रेलवे स्टेशन के एक नम्बर प्लेटफार्म पर खड़े हीरालाल ने झुंझलाते हुए कुछ एसे ही कहा। उन्होंने कहा कि वे दोपहर की ट्रेन में रिश्तेदार को बैठाने आए थे, उन्हें मलाल है कि ट्रेन के वातानुकूलित कोच स्टेशन पर धूप में ही खड़े रहते हैं, क्योंकि प्लेटफार्म पर टिनशेड नाकाफी है।

 

 

लंबी दूरी की ट्रेनों के आधे से अधिक कोच धूप में रह जाते हैं, इससे ट्रेन में बैठना मुश्किल भरा होता है। गर्मी का यह दंश एक यात्री को ही नहीं, बल्कि सैकड़ों यात्रियों का है। उन्हें रोजाना इस परिस्थिति से दो-चार होना पड़ता है।

 

 

रेलवे ने आमतौर पर स्टेशनों को 'ए, 'बी, 'सी श्रेणी में विभाजित किया हुआ है। इन पर यात्रीभार के लिहाज से ही टिनशेड व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। यात्री और ट्रेने तो लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन टिनशेड का विस्तार कार्य अब तक लंबित है।

 

 

बीकानेर 'ए क्लास स्टेशनों में शुमार है। जिला मुख्यालय भी है। यहां रोजाना 18 हजार से 20 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। रोजाना 70 से 80 ट्रेनों चलती हैं। इसके बावजूद टिनशेड का विस्तार नहीं हुआ।

 

 

दोपहर में संचालन

 

 

बीकानेर रेलवे स्टेशन से कालका, साप्ताहिक बांद्रा, दादर, सिकंदराबाद, चेन्नई सहित कई ट्रेनें दोपहर में जाती हैं। इसी तरह कई ट्रेनें दोपहर में ही बीकानेर पहुंचती है। लंबी दूरी की ट्रेनों में 22 से 24 कोच होते हैं। इस कारण अधिकतर कोच टिनशेड से बाहर ही रहते हैं। महिला कोच ट्रेन के अंतिम छोर पर होने से वह भी दूर रहता है।

 

विस्तार किया जाए

 

जागरूक नागरिक चौरुलाल सुथार ने मंडल रेल प्रबंधक को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि समय के साथ बीकानेर में ट्रेनों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन टिनशेड की लंबाई अभी पुराने ढर्रे पर ही है। इसका विस्तार किया जाना जरूरी है, ताकि यात्रियों को तेज धूप और गर्मी में राहत मिल सके। अभी कई ट्रेनें दोपहर के समय संचालित होती हैं।

 

 

भेजेंगे प्रस्ताव

 

 

टिनशेड विस्तार के लिए नए सिरे से मुख्यालय को प्रस्ताव भजेंगे। जागरूक नागरिकों की मांग भी आती रही है। ट्रेनें काफी लंबी हैं।

जितेन्द्र मीणा, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक, बीकानेर

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