गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए दिल्ली में 18 को होगा शक्ति प्रदर्शन, देखें वीडियो

Anushree Joshi

Publish: Feb, 15 2018 11:30:17 (IST)

Bikaner, Rajasthan, India

भारतीय गो क्रांति मंच ने किया लाखों लोगों के भाग लेने का दावा

गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए 18 फरवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में देशभर से लाखों लोग शामिल होंगे। बीकानेर संभाग से करीब 11 हजार लोग दिल्ली जाएंगे। यह प्रदर्शन भारतीय गौ क्रांति मंच के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह जानकारी मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बीकानेर संभाग प्रभारी विनोद कुमार शर्मा ने दी।

 

शर्मा ने यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि प्रदर्शन में शहरी और ग्रामीण इलाकों के लोगों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया गया है। देशभर से एक करोड़ से अधिक लोगों के प्रदर्शन में भाग लेने का लक्ष्य रखा गया है। बीकानेर सहित राजस्थान से भी बड़ी संख्या में गोभक्त दिल्ली जाएंगे। आंदोलन राष्ट्रीय संत गोपालमणि महाराज के सान्निध्य में प्रस्तावित है।

 

पांच मांगें शामिल
प्रदेश संयोजक डॉ. बालस्वरूप गर्ग ने कहा कि प्रदर्शन में मुख्य रूप से पांच मांगों को शामिल किया गया है। इनमें गो हत्यारों को मृत्युदंड देने, गोबर की खाद का प्रयोग करने, गोबर गैस प्लांट लगवाने, सरकार के किसानों से गोबर खरीदने, अलग से गो मंत्रालय स्थापित करने की मांग शामिल है। साथ ही १० वर्ष तक के बालक-बालिकाओं को नि:शुल्क गौर दुग्ध उपलब्ध करवाया जाए।

 

गाय हर बीमारी का निदान : डॉ. गर्ग
बीकानेर. सेवानिवृत्त आयुर्वेद डिप्टी डायरेक्टर डॉ. बालस्वरूप गर्ग ने कहा कि गाय भारत की आत्मा है। गाय केवल गाय नहीं, हर समस्या व बीमारी का निदान है। गाय बचेगी तो भारत बचेगा, नहीं तो भारत की आत्मा खत्म हो जाएगी। डॉ. गर्ग ने कहा कि भारत में गाय को मां माना जाता है।

 

इसके बावजूद देशभर में कत्ल खाने चल रहे हैं, जिनके चंगुल में गायें फंस रही हैं। उन्होंने कहा कि गाय चलती-फिरती औषधी की खान है। उन्होंने कहा कि गाय का दूध अमृत, मूत्र औषधी और गोबर लक्ष्मी है। देशी गायों में गुणों का भंडार है। देशी गाय का दूध पीने से बच्चों में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। शुगर, बीपी, हार्ट, दमा सहित अनेक बीमारियों में राहत मिलती है।

 

साल में एक करोड़ आय
डॉ. गर्ग ने बताया कि एक गाय सालभर में एक करोड़ सात लाख रुपए की इनकम दे सकती है। गाय के एक किलो गोबर में 35 जरूरी रसायन होते हैं। गाय के गोबर से खाद, गैस बनाकर चूल्हे ओर एलपीजी गैस में बदलकर वाहन चलाए जा सकते हैं। यह काफी बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसे सरकार ही चला सकती है।

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