पर्यावरण स्वीकृति मिलते ही यहां शुरू होगा नया औद्योगिक क्षेत्र

पर्यावरण स्वीकृति मिलते ही यहां शुरू होगा नया औद्योगिक क्षेत्र

dinesh swami | Publish: Sep, 04 2018 09:56:53 AM (IST) Bikaner, Rajasthan, India


बीकानेर. गजनेर में १० साल से प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को शुरू करने के लिए केन्द्र सरकार से पर्यावरणीय स्वीकृति तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से पेयजल की स्वीकृति प्रक्रिया में है। ये स्वीकृतियां मिलते ही बीकानेर में नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।


बीकानेर. गजनेर में १० साल से प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को शुरू करने के लिए केन्द्र सरकार से पर्यावरणीय स्वीकृति तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से पेयजल की स्वीकृति प्रक्रिया में है। ये स्वीकृतियां मिलते ही बीकानेर में नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह जानकारी राजस्थान लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष मेघराज लोहिया ने सोमवार को सर्किट हाउस में बातचीत के दौरान दी। उन्होंने रीको के अधिकारियों से फोन पर औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली। गजनेर में ४१६.६५ हैक्टयर भूमि औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए भूमि अधिग्रहित की गई है। लोहिया ने कहा कि गजनेर क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रस्तावित किया गया था। बाद में कांग्रेस की सरकार आ गई तो यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब राज्य सरकार ने इसकी सुध ली है। औद्योगिक क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति के लिए फिर प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं इस परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।

 

कोई जनप्रतिनिधि नहीं आया
लोहिया ने अफसोस जताते हुए कहा है कि बीकानेर का कोई भी जनप्रतिनिधि या व्यापारिक संगठन गजनेर औद्योगिक क्षेत्र शुरू करने के लिए उनके पास नहीं आया। इसकी सरकारी भूमि की लीज पंजीकृत है। राजस्व लेखा में नामान्तरण आदि सभी वैधानिक कार्रवाई पूरी हो गई है। औद्योगिक क्षेत्र की अधिग्रहित भूमि पर सीमा स्तम्भ बने हैं।

 

क्षेत्र में ये होंगे उद्योग
गजनेर औद्योगिक क्षेत्र में ऊन आधारित इकाइयों के लिए ७५.४८५ हैक्टेयर भूमि निर्धारित है। इसमें से ४५.१३८ हैक्टेयर को विक्रय योग्य रखा गया है। इसी तरह खनिज आधारित इकाइयों का क्षेत्रफल ९१.८९२ हैक्टेयर है। इसमें ५३.४६५ हैक्टेयर विक्रय योग्य है। सामान्य इकाइयों के लिए १८५.३७४ हैक्टेयर में से ११८.१२ हैक्टेयर जमीन विक्रय योग्य है। नगद अनुतोष के बदले विकसित आवासीय भूमि ६४.६६७ हैक्टेयर है। इस औद्योगिक क्षेत्र में ५०० वर्गमीटर से ५ एकड़ क्षेत्रफल तक के कुल १०५१ औद्योगिक भूखण्ड नियोजित किए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्र को गजनेर लिफ्ट नहर से जलापूर्ति प्रस्तावित की गई है और डीपीआर भी तैयार कर ली गई है।

 

बीकानेर में सूखा बंदरगाह नहीं
बीकानेर से ऊन, जिप्सम, कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए सूखा बंदगाह का प्रस्ताव सरकार ने निरस्त कर दिया है। इसकी जगह रेलवे फ्रेट कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इसमें बीकानेर भी रेलवे कंटेनर परिवहन से जुड़ेगा। केन्द्र सरकार ने कांडला से कंटेनर ट्रेन के लिए नई रेल लाइन बिछाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। कई जगह नई लाइन डाल दी गई है। इस लाइन पर केवल कंटेनर ही चलेंगे। राजस्थान लघु उद्योग वित्त निगम के अध्यक्ष मेघराज लोहिया ने बताया कि रेलवे फ्रेट कॉरिडोर बनने से निर्यात की परिवहन लागत भी कम आएगी। इसके राजस्थान में मारवाड़ जंक्शन, नीमराना और किशनगढ़ सेन्टर बनेंगे। कंटनेर से निर्यात जल्दी होगा और भारतीय उत्पाद अन्तरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पद्र्धा में आ सकेगा। लोहिया ने बताया कि बीकानेर में सूखा बंदरगाह खोलने की वर्षों से मांग की जा रही थी।

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