साजी कारोबारियों के यहां खुफिया निदेशालय की छापेमारी

bikaner news: मुम्बई व जयपुर से पहुंची टीम : आयात शुल्क में करोड़ों रुपए की हेराफेरी के संदेह में कार्रवाई

By: dinesh swami

Published: 10 Jul 2020, 06:01 AM IST

बीकानेर.

पापड़ बनाने के दौरान काम ली जाने वाली साजी के आयात शुल्क में करोड़ों रुपयों की हेराफेरी का पर्दाफाश करने गुरुवार को शहर में राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम पहुंची। मुम्बई और जयपुर से पहुंची टीम में शामिल पांच-सात अधिकारियों ने शहर के पांच-सात बड़े कारोबारियों के यहां छापेमारी कर साजी के आयात और उसके चुकाए शुल्क की जानकारी जुटाई।

बताया जा रहा है कि शहर में पाकिस्तान से तस्करी कर बड़ी मात्रा में साजी को मंगवाया जा रहा था, लेकिन कागजों में साजी को अफगानिस्तान का होना बताया जा रहा था। इसकी भनक लगने के बाद गुरुवार को राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने यहां के बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी।

काफी दिनों से हो रही थी पड़ताल
जानकारों के अनुसार पुलवामा हमले के बाद केन्द्र सरकार ने पाकिस्तान से आयातित साजी पर पांच फीसदी से बढ़ाकर दो सौ फीसदी सीमा शुल्क लगा दिया था। ऐसे में साजी का आयात लगभग बीकानेर के व्यापारियों ने करना बंद कर दिया। इसके बावजूद बीकानेर में पांच-सात कारोबारी बड़ी मात्रा में साजी का कारोबार कर रहे थे। कस्टम शुल्क की बड़ी चोरी के संदेह में राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारी और आइजीएसटी की टीम काफी दिनों से बीकानेर में खुफिया तौर से जानकारियां जुटा रही थी। गुरुवार को अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद पापड़ कारोबारियों में हड़कम्प मच गया।

एेसे कर रहे थे घोटाले

सूत्रों ने बताया कि पुलवामा हमले से पूर्व साजी के आयात पर पांच फीसदी सीमा शुल्क था। केन्द्र सरकार के दो सौ फीसदी सीमा शुल्क, दस फीसदी सरचार्ज और २८ फीसदी आइजीएसटी लगाने के बाद साजी कारोबारियों ने टैक्स चोरी का तोड़ निकाल लिया। उन्होंने पाकिस्तान से आयातित साजी को अफगानिस्तान की बताकर आयात करना शुरू कर दिया, जबकि अफगानिस्तान से साजी का पिछले काफी वर्षों से बीकानेर में आयात तक नहीं हुआ।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
राजस्थान पत्रिका ने भी साजी के इस गड़बड़झाले का मुददा उठाया था। खबर में बताया गया कि किस प्रकार साजी के कारोबारी इसे दूसरे देशों से उत्पादित होना बताकर केन्द्र सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचा रहे हैं।

dinesh swami Reporting
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