कोविड-१९ वैक्सीनेशन के दूसरे भी नहीं पा सके 500 का लक्ष्य

४६१ को लगाया टीका
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने टीका लगवाकर की शुरुआत

By: Jaiprakash

Updated: 19 Jan 2021, 12:23 AM IST

बीकानेर। कोविड-१९ वैक्सीनेशन के दूसरे दिन भी बीकानेर पांच-सौ के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सका। सोमवार को ५०० के लक्ष्य के चलते ४६१ हैल्थ वर्करों को ही टीका लगाया जा सका। शहर के पांच सेंटरों में से तीन सेंटरों पर बेहद कम टीकाकरण हुआ। पीबीएम अस्पताल के जरियाट्रिक सेंटर में १०२ और जिला अस्पताल में १३९ को टीका लगाया। इसके अलावा एसपी मेडिकल कॉलेज के पुराने परीक्षा हॉल में ८६, रसायन शाला के नए भवन में ५५ एवं डायबिटिक सेंटर में ७९ हैल्थ वर्करों को टीका लगाया जा सका। टीका लगाने के बाद किसी भी हैल्थ वर्कर को कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ।

प्राचार्य डॉ. राठौड़ ने टीका लगवाकर की शुरुआत
कोविड.19 वैक्सीनेशन की सोमवार को दूसरे दिन शुरुआत एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शैतान सिंह राठौड़ ने टीका लगवाकर की। डॉ. राठौड़ को सुबह नौ बजे पीबीएम अस्पताल परिसर स्थित जिरियाट्रिक सेंटर में लगाया गया। वहीं डायबिटिक सेंटर में अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रंजन माथुर की पत्नी पीबीएम में मेडिकल ऑफिसर डॉ. रेणु कला माथुर ने भी टीका लगवाया। इसके अलावा डॉ. जीएस तंवर, डॉ. संदीप गुप्ता, नर्सिंग नेता श्रवण कुमार वर्मा ने भी टीका लगवाया।

डरें नहीं टीका लगवाएं, सुरक्षित है टीका
कोविड-१९ टीकाकरण के पहले दिन अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रंजन माथुर ने टीका लगवाया। अब टीकाकरण के दूसरे दिन उनकी पत्नी जो पीबीएम में मेडिकल ऑफिसर है, उन्होंने भी टीका लगाया है। डॉ. रंजन बताते हैं कि टीका बेहद सुरक्षित है, जिसके कोई साइड इफेक्ट नहीं है। यह टीका भविष्य में कई बीमारियों से बचाएगा। इससे किसी को डरना नहीं है। टीका लगवाने में किसी तरह की भ्रांति न पाले। टीका लगवाएं और सुरक्षित रहे। डॉ. रेणु कला माथुर ने कहा उनके पति डॉ. रंजन के टीका लगवाने के बाद उन्हें हिम्मत मिली और उन्होंने भी टीका लगवाया है। टीका लगाने के बाद उन्हें और उनके पति को कोई तकलीफ नहीं हुई है।

एक लाभार्थी को मामूली तकलीफ हुई
जिला अस्पताल में टीकाकरण के दूसरे दिन एक आयुष चिकित्क को टीका लगाने के बाद मामूली-सी तकलीफ हुई। जिसे चिकित्सक किसी तरह से साइड इफेक्ट नहीं मान रहे। चिकित्सकों ने बताया कि आयुष चिकित्क को टीका लगाने वाली जगह पर सूजन आ गई थी, जिसे आपातकालीन में ले जाया गया और उसे एक एंटी-एलर्जी इंजेक्शन दिया गया, जिससे सूजन कम हो गई। बाद में पौन घंटे तक निगरानी में रखा और घर भेज दिया गया।


लक्ष्य पाने की जद्दोजहद
16 जनवरी को कोविड.19 टीकाकरण की शुरुआत हुई। शहर में पांच सेंटरों को वैक्सीनेशन के लिए चालू किया गया लेकिन पहले दिन देरी से वैक्सीनेशन की शुरुआत होने, लाभार्थियों को समय पर संदेश नहीं मिलने सहित अनेक खामियां होने से तय लक्ष्य के 50 फीसदी लाभार्थियों को भी टीका नहीं लग सका। इसलिए दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज एवं पीबीएम अस्पताल प्रशासन के अधिकारी लक्ष्य हासिल करने के लिए काफी बेचैन रहे। तमाम कोशिशों के बावजूद ५०० का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सके। ५०० का लक्ष्य पाने में ३२ लोगों की कमी रही।

कहां रही कमी इस पर चिंतन
शहर में पांच जगहों पर टीकाकरण किया जा रहा है। सोमवार को सबसे कम टीकाकरण एसपी मेडिकल कॉलेज की रसासन विभाग के नए भवन में लगे सेंटर में हुआ। यहां महज ५५ लोगों को ही टीका लगा। शाम को टीकाकरण समयावधि समाप्त होने के बाद टीकाकरण कम होने के कारणों पर चिंतन किया गया। टीकाकरण के पहले दिन ५०० के लक्ष्य के तहत महज १९१ को ही टीका लगाया जा सका। ऐसे में टीकाकरण के दूसरे दिन लक्ष्य को पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को लाभार्थियों को संदेश पहुंचाने एवं केन्द्र तक लाकर टीकाकरण कराने की अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बावजूद तीन सेंटर सौ का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सके।

Jaiprakash Reporting
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