सख्ती बेअसर, सक्रिय शराब तस्कर

नहीं लग रहा अंकुश : पंजाब-हरियाणा से हो रही शराब की तस्करी, गुजरात में होती है सप्लाई

By: अनुश्री जोशी

Published: 11 Dec 2017, 09:44 AM IST

पुलिस और आबकारी विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद दूसरे राज्यों से शराब तस्करी पर अंकुश नहीं लग रहा है। शराब तस्करी से सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग तस्करों के खिलाफ सख्ती बरतता है तो शराब माफिया नए रास्ते तलाश कर लेते हैं।

 

बीते सालों में शराब तस्करी कम हुई है, लेकिन पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है। पुलिस की सख्ती के बावजूद तस्करी जारी है, इससे जाहिर है कि शराब माफिया का नेटवर्क काफी बड़ा है। जानकारी के अनुसार तस्करी की शराब अधिकतर हरियाणा से लाई जाती है।

 

हरियाणा में शराब की कीमत राजस्थान, गुजरात व अन्य राज्यों से 30 से 50 फीसदी तक कम है। माफिया को एक ट्रक बेचने से मोटी कमाई हो जाती है। गुजरात जैसे शराब बंद क्षेत्र में तो यह कई गुना बढ़ जाती है। तस्कर हरियाणा, पंजाब की सस्ती शराब गुजरात में महंगे दामों में बेचते हैं।

 

अब तक 14 ट्रक
नाल पुलिस ने 15 जून को कानी फांटे के पास नाकाबंदी के दौरान एक टर्बो ट्रक को रोका, जिस पर साइलेंट जेनरेटर रखा था। जांच की गई तो पाया कि जेनरेटर का केवल खोल है, जिसमें शराब की पेटियां भरी हुई थी। इस ट्रक को कांस्टेबल रामकुमार ने पकड़ा था। वे अब तक शराब तस्करी के 14 ट्रक पकड़वा चुके हैं।

 

अब नए शराब माफिया
शराब से लदे ट्रकों को राजस्थान बॉर्डर पार कराने का जिम्मा पहले कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आंनदपाल सिंह और राजू ठेहट की गैंगों ने संभाल रखा था। आंनदपाल के एनकाउंटर के बाद उसकी गैंग खत्म सी हो गई और राजू ठेहट के आधे से ज्यादा गर्गुे सलाखों के पीछे है। इन दोनों गैंगों के कमजोर पडऩे से शराब तस्करी के नए माफिया सामने आने लगे हैं।

 

ये राजमार्ग हैं तस्करी के रूट
राष्ट्रीय राजमार्ग 15 पर पंजाब के अबोहर से होते हुए हनुमानगढ़, बीकानेर , फलौदी, जैसलमेर , बाड़मेर, आबू होते हुए अवैध शराब गुजरात के कांडला तक पहुंचाई जाती है। इसी तरह राजमार्ग 65 पर हरियाणा के हिसार से चूरू, जोधपुर , पाली, जालोर होते हुए तस्कर अवैध शराब के ट्रक गुजरात के पालनपुर तक पहुंचाते हैं।

 

हाल ही हुई कार्रवाई
17 अप्रेल : श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने गेटवे गाड़ी में 125 कार्टन पकड़े।
17 अप्रेल : एक पिकअप पकड़ी, जिसमें देशी शराब के 19 कार्टन मिले।
18 अप्रेल : श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने नौ कार्टन देशी शराब पकड़ी।
27 जुलाई : पिकअप से 106 कार्टन बरामद।
15 जून : नाल पुलिस ने टर्बो ट्रक पर लदे साइलेंट जनरेटर में भरे शराब के 1001 कार्टन जब्त किए।
वर्ष 2016 : लूणकरणसर में आबकारी पुलिस ने शराब से भरा ट्रक पकड़ा।

 

पकड़ से दूर सरगना
पुलिस तस्करी की शराब तो पकड़ लेती है, लेकिन माफिया तक पहुंचना मुश्किल होता है। अवैध शराब परिवहन के दौरान पकड़े जाने वाले ट्रक चालक केवल यह बताते हैं कि हरियाणा से ट्रक सौंपा गया। इस ट्रक को बताए गए मोबाइल नंबर वाले चालक को गुजरात में सौंपना है, लेकिन वे उसे जानते नहीं है।

 

जांच करने पर ये नंबर फर्जी दस्तावेजों से प्राप्त किए हुए मिलते हैं, जबकि ट्रक ट्रांसपोर्ट कंपनी से किराए पर लिए बताए जाते हैं। पुलिस को चकमा देने के लिए माल को पैक कर उसकी बिल्टी चॉकलेट या पशु आहार की बनवाई जाती है।

 

विशेष हिदायत
गुजरात चुनाव के मद्देनजर पंजाब-हरियाणा से शराब तस्करी रोकने के लिए पुलिस मुख्यालय से विशेष दिशा-निर्देश हैं। इसी के तहत जिले में सूचनातंत्र को सक्रिय किया है। शराब तस्करी रोकने के लिए हाइवे से सटते थानाधिकारियों को विशेष हिदायत दी गई है।
सवाईसिंह गोदारा, पुलिस अधीक्षक, बीकानेर

अनुश्री जोशी
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