शनि प्रदोष पर महादेव का अभिषेक-पूजन

घरों में चले रूद्राभिषेक के दौर

 

By: Vimal

Published: 20 Jul 2020, 12:17 AM IST

बीकानेर. भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्ति की कामना को लेकर शनिवार को शनि प्रदोष पर महादेव का व्रत-पूजन और रूद्राभिषेक के आयोजन हुए। शिवभक्तों ने भोलेनाथ का जल, दूध, घी, पंचामृत आदि से अभिषेक कर महादेव का श्रृंगार किया। कोरोना संक्रमण फैलाव के कारण श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही पूजा-अर्चना कर व्रत-उपासना की। मंदिरों में कोरोना एडवाइजरी की पालना में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगी हुई है। पुजारियों ने भगवान शिव का अभिषेक, पूजन कर आरती की।

 

ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार जिस प्रकार भगवान विष्णु को एकादशी प्रिय है, उसी प्रकार भगवान शंकर प्रदोष व्रत अति प्रिय है। धर्मशास्त्रों में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। पंडित किराडू के अनुसार भगवान शिव का प्रिय प्रदोष व्रत किसी भी वार या पक्ष में सदैव शुभफल देता है, लेकिन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और शनिवार तथा सावन मास हो तो यह योग बड़ा ही उत्तम माना गया है।

 

इस योग से प्रथम प्रदोष व्रत का व्रत प्रारम्भ करना शास्त्र में श्रेष्ठ बतलाया गया है। किराडू के अनुसार शिवपुराण में संतान प्राप्ति के लिए शनि प्रदोष का विशेष महत्व बतलाया है। प्रदोष के दिन दूध, घी या पंचामृत से महादेव के अभिषेक का विशेष विधान है। शास्त्रों में वार अनुसार प्रदोष व्रत और इसका महत्व व फल बतलाया गया है।

 

 

प्रदोष शिवरात्रि पर हुए अभिषेक -पूजन
प्रदोष व्रत की तरह भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चर्तुदशी को शिवरात्रि व्रत का शास्त्रों में विशेष महत्व बतलाया गया है। पंडित किराडू के अनुसार सावन और फाल्गुन मास में इसका विशेष महत्व बतलाया गया है। इस दिन भगवान शंकर का परिवार सहित पूजन करना एवं अभिषेक कर रात्रि जागरण करना उत्तम फलदायी है।

 

शिवभक्तों ने शनिवार मध्यरात्रि को प्रदोष शिवरात्रि पर महादेव का अभिषेक -पूजन कर महाआरती की। कोरोना संक्रमण फैलाव के कारण श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही महादेव की उपासना कर पूजन किया। कोरोना के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगी हुई है। मंदिर पुजारियों ने महादेव का अभिषेक-पूजन किया।

 

 

हरियाली अमावस्या कल
सावन में हरियाली अमावस्या का विशेष महात्म्य है। अमावस्या पर शिवभक्त भोलेनाथ का शहद से अभिषेक कर बिल्व पत्र, आक, धतूरा एवं ऋतुकाल में उत्पन्न वनस्पतियों-फलों एवं सब्जियों से भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। घर-घर में देवी-देवताओं एवं पित्तरों का पूजन कर हरियाली श्रृंगार किया जाएगा। गायों को घास और गुड खिलाया जाएगा। जरुरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र का दान किया जाएगा।

 


सवा लाख पार्थिव शिव का पूजन-अनुष्ठान जारी
शहर में कई स्थानों पर सवा लाख पार्थिव शिव निर्माण, पूजन और अभिषेक का क्रम जारी है। शनि प्रदोष पर पार्थिव शिव का दूध, पंचामृत और घी से रूद्राभिषेक कर आरती की गई। शिवभक्तों ने महादेव की स्तुती वंदना कर भजनों की प्रस्तुती दी। श्रद्धालुओं ने महादेव का अभिषेक-पूजन कर विश्व से कोरोना संक्रमण की समाप्ति और अच्छे जमाने की कामना की।

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