बेपटरी होती चिकित्सा सेवा, परेशान होते मरीज

कोरोना ने बिगड़ा स्वास्थ्य सिस्टम

By: Jaiprakash

Updated: 20 Jul 2020, 12:16 PM IST

बीकानेर। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग एक तरफ तो कोरोना को मात देने के लिए घर-घर सर्वे कर रोगियों की पहचान कर रहा है। साथ ही डिस्पेंसरियों व सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दे रखे हैं लेकिन इन निर्देशों की पालना नहीं हो रही है।

सरकारी अस्पतालों में हालात बेहद विकट है। मरीज को देखना तो दूर चिकित्सक उसके नजदीक तक नहीं फटकते हैं। अगर कोई मरीज चिकित्सक के नजदीक आ गया और भूल से उसे छींक या खांसी आ जाए तो फिर मरीज की शामत आ जाती है। जैसे वह बीकार नहीं कोई अपराध कर बैठा। कोरोना काल ने स्वास्थ्य सिस्टम को पूरा ही बेपटरी कर दिया है।

सैटेलाइट में जांच बंद
रविवार को सैटेलाइट अस्पताल में कोरोना जांच का काम बंद रहा। यहां जांच कराने गए लोगों को रविवार को बंद होने का कहकर टरका दिया गया जबकि जिला कलक्टर के स्पष्ट आदेश है कि सरकारी अस्पतालों जांच कार्य जारी रहेगा लेकिन सैटेलाइट अस्पताल में जांच कार्य बंद कर दिया। ऐसे में लोगों को अन्य डिस्पेंसरी में जाकर जांच करानी पड़ी।

गांवों में चिकित्सक, सुविधाएं नहीं
गांवों में सीएचसी व पीएचसी पर चिकित्सक है लेकिन वहां सुविधाएं नहीं है। दूरदराज से आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा नहीं मिलती। ऐसे में उन्हें संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल आना पड़ता है। यहां पीबीएम में भी इन दिनों केवल कोरोना ही चल रहा है। शेष बीमारी के मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। गांवों में कोरोना जांच की सुविधा नहीं है। तहसील मुख्यालयों पर या स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर जांच की जा रही है। जांचें बढऩे के बाद गांवों से भी रोगी रिपोर्ट होने लगे हैं।

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रविवार को जांच नहीं की जाती। शेष छह दिन जांच कार्य नियमित से होता है।
- डॉ. बीएल हटीला, अधीक्षक जिला अस्पताल

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