बीकानेर : एमजीएस विवि. शुरू करेगा दो नए पीएचडी पाठ्यक्रम, शोध को दिया जाएगा बढ़ावा

बीकानेर : एमजीएस विवि. शुरू करेगा दो नए पीएचडी पाठ्यक्रम, शोध को दिया जाएगा बढ़ावा

Jitendra Goswami | Updated: 14 Jul 2019, 09:48:16 AM (IST) Bikaner, Bikaner, Rajasthan, India

bikaner news : बीकानेर. महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर की एकेडमिक कौंसिल की बैठक में डॉक्टर ऑफ सांइस एवं डॉक्टर ऑफ लिटरेचर उपाधि शुरू करने का निर्णय लिया गया।

बीकानेर. महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर की एकेडमिक कौंसिल की बैठक शनिवार को कुलपति प्रो. भागीरथ सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में डॉक्टर ऑफ सांइस एवं डॉक्टर ऑफ लिटरेचर उपाधि शुरू करने का निर्णय लिया गया। इस प्रकार की उपाधियां देश के चुनिंदा विश्वविद्यालयों में ही दी जा रही है।

 

बैठक में विवि के विभागों के दो पीएचडी शोधार्थियों को शोध प्रबंध जमा कराने अथवा अधिकतम तीन साल तक दो हजार प्रति माह छात्रवृत्ति प्रदान करने का निर्णय भी लिया गया। उप कुल सचिव डॉ. बिट्ठल बिस्सा ने बताया कि बैठक में शोध को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को लघु शोध प्रोजेक्ट के लिए दो लाख रुपए तक वित्तीय सहायता देने, ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने के लिए मानदंड निर्धारित करने, निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर शैक्षणिक व प्रशासनिक ऑडिट करवाने आदि का निर्णय भी लिया गया।

 

बनाया जाएगा इकजाई अक्षय निधि कोष
बैठक में महाविद्यालयों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों को लेकर इकजाई अक्षय निधि कोष स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इस कोष में अस्थाई सम्बद्ध निजी महाविद्यालयों को पांच लाख रुपए एवं स्थाई सम्बद्ध निजी महाविद्यालयों को 10 लाख रुपए का अक्षय निधि कोष बनाना होगा। जिन महाविद्यालयों द्वारा विश्वविद्यालयों के निर्देशों की पालना नहीं की जा रही है उनकी सम्बद्धता को समाप्त कर कार्यवाही से छात्रों को भी अवगत करवाया जाएगा।

 

आधुनिक तकनीक से तैयार होंगी उपाधियां

विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा 2018 के लिए प्रदान की जाने वाल उपाधियों में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। नए सुरक्षा मानदण्डों के अनुसार ये उपाधियां शतप्रतिशत वाटर प्रूफ, फायर प्रतिरोधी व नोन टियरेबल अर्थात नहीं फटने वाली होगी।

 

36 पाठ्यक्रमों का अनुमोदन
बैठक के दौरान विद्या परिषद द्वारा विश्वविद्यालय में संचालित छह संकायों में 36 विषयों के पाठ्यक्रमों का अनुमोदन किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय में संचालित विभागों में इच्छानुसार क्रेडिट सिस्टम को भी लागू करने का निर्णय भी लिया गया।

 

बैठक में ये रहे उपस्थित
विश्वविद्यालय की एकेडमिक कौंसिल की बैठक में राजेंद्रसिंह डूडी, प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल, प्रो. राजाराम चोयल, प्रो. नारायण सिंह राव, डॉ. मीनू पूनिया, डॉ. वीएन सिंह, डॉ. सुरेंद्र सहारण, आचार्य प्रो. अनिल कुमार छंगाणी, डॉ. राकेश हर्ष, डॉ. श्रवण सैनी, डॉ. बीएल बिश्नोई, डॉ. निधि अग्रवाल, डॉ. अभिषेक वशिष्ठ आदि उपस्थित थे।

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