महापौर के समक्ष उलझे कर्मचारी-पार्षद, किया कार्य बहिष्कार, देखें वीडियो

Anushree Joshi

Publish: Feb, 15 2018 10:55:43 AM (IST)

Bikaner, Rajasthan, India

तीन दिन पहले नगर निगम की साधारण सभा में कर्मचारी-अधिकारियों और पार्षदों के बीच शुरू हुआ विवाद बुधवार को और गहरा गया। महापौर की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति की बैठक बुलाने पर आयुक्त ने सवाल खड़ा किया, वहीं इस बैठक में अपने खिलाफ प्रस्ताव पास होने से आशंकित निगम कर्मचारी भी विरोध करने पहुंच गए।

 

कार्यसमिति सदस्य (पार्षद) और महापौर एक तरफ तथा अधिकारी-कर्मचारी दूसरी तरफ हो गए। काफी देर हंगामा चलने से कार्यसमिति की बैठक नहीं हो पाई। इस दौरान कर्मचारी-पार्षदों में तीखी नोंक-झोंक भी हुई। बाद में आक्रोशित कर्मचारियों ने निगम के कार्यालय व सफाई कार्य के बहिष्कार का निर्णय किया।

 

कार्यकारी समिति की बैठक सुबह 11.30 बजे होनी थी। समिति सदस्य पार्षद तय समय पर बैठक शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन आयुक्त महापौर कक्ष में नहीं आए। इसके बाद पार्षद और महापौर ही आयुक्त के कक्ष में पहुंच गए। इस दौरान बैठक को लेकर कर्मचारियों ने रोष जताया और आयुक्त कक्ष के सामने नारेबाजी की। बाद में आयुक्त निकया गोहाएन व दोनों उपायुक्तों ने कर्मचारियों को समझाकर शांत कराया।

 

आयुक्त कक्ष में पार्षद राजेन्द्र कुमार शर्मा, मोहम्मद ताहिर, दिनेश उपाध्याय, भावना गहलोत, सरला पडि़हार, श्याम सुन्दर चांडक, दाऊलाल सेवग, राजा सेवग, रामचन्द्र सोनी, शिव कुमार रंगा, जमनलाल गजरा, राजेन्द्र पंवार, पूजा भटनागर, लक्ष्मीनारायण व्यास, जावेद पडि़हार आदि उपस्थित थे।

 

पार्षद के बड़बोल
आयुक्त कक्ष में कर्मचारी-पार्षदों के बीच नोक-झोंक के दौरान भाजपा पार्षद विनोद धवल की आयुक्त पर आपत्तिजनक टिप्पणी से कर्मचारियों में रोष बढ़ गया। इस पर उपायुक्त ताज मोहम्मद राठौड़ व राष्ट्रदीप यादव सहित कर्मचारी नेताओं ने पार्षद धवल के प्रति नाराजगी जताई। बाद में धवल ने खेद जताया, जिस पर विवाद शांत हुआ।

 

सूचना ही जारी नहीं
आयुक्त निकया गोहाएन ने बताया कि निगम की कार्यकारी समिति की 14 फरवरी को बैठक के लिए किसी अधिकारी ने सूचना जारी नहीं की। महापौर की ओर से प्रस्तावित बैठक को लेकर जो स्वच्छता से जुड़े बिन्दु दिए गए हैं, वे कार्यकारी समिति के अन्तर्गत नहीं आते हैं।

 

कर्मचारियों का विरोध
बैठक को लेकर महापौर और समिति सदस्य आयुक्त कक्ष में पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारी आक्रोशित हो गए। वे महापौर के समक्ष गुस्सा जताते रहे और बात ही शुरू नहीं होने दी। आयुक्त ने केवल स्वच्छता के दो बिन्दुओं पर ही बैठक में चर्चा करने की बात कही,

 

लेकिन नारेबाजी के कारण बात ही शुरू नहीं हो पाई। बाद में महापौर और आयुक्त कक्ष से बाहर निकल आए। कर्मचारी नेता विजयसिंह करणपुरा, रतनलाल चांवरिया, शिवलाल तेजी, अशोक व्यास आदि के नेतृत्व में कर्मचारियों ने महापौर के समक्ष रोष जताया।

 

भेजा डिसेन्ट नोट
निगम आयुक्त ने एपीओ के पारित प्रस्ताव तथा एक बिल्डिंग को सील करने के सदन के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए डिसेन्ट नोट स्वायत शासन विभाग को भेजा है। आयुक्त ने बताया कि साधारण सभा एपीओ करने और बिल्डिंग को सील करने के लिए सक्षम नहीं है।

 

लोग हुए परेशान
पारित प्रस्ताव व बैठक से नाराज निगम निगम कर्मचारी काम बंद कर कमरों से बाहर आ गए। इससे हेल्पलाइन सेन्टर, निर्माण स्वीकृति शाखा, जन्म-मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन आदि कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी हुई।कर्मचारी नेता शिवलाल तेजी ने बताया कि बुधवार शाम से सफाई कर्मचारियों ने सफाई कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया। कर्मचारी कार्य स्थल पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन सफाई नहीं करेंगे। इससे शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

 

कार्रवाई की जाएगी
बिना नोटिस और सूचना के कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार करना अनुचित है। ऐसे कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नारायण चोपड़ा, महापौर नगर निगम बीकानेर।

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