प्रदेश के 13 हजार निजी स्कूलों में नहीं फीस निर्धारण, शिक्षा निदेशालय ने कमेटियां नहीं बनाने वाले स्कूलों को फिर से दिए नोटिस

अभी तक राज्य में कुल 35 हजार से ज्यादा निजी स्कूलों में से 22 हजार 389 स्कूलों में कमेटियां गठित की गई है

By: अनुश्री जोशी

Published: 13 Mar 2018, 09:51 AM IST

अगले शैक्षणिक सत्र में राजस्थान विद्यालय (फीस का विनिमय) कानून लागू किया जाना है। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रशासन को प्रावधानों के अनुसार फीस निर्धारण कमेटी गठित कर जिला शिक्षा अधिकारी के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे।

 

अभी तक राज्य में कुल 35 हजार से ज्यादा निजी स्कूलों में से 22 हजार 389 स्कूलों में कमेटियां गठित की गई है। 13 हजार से अधिक स्कूलों की फीस निर्धारण कमेटियों की रिपोर्ट अभी तक अपलोड नहीं हुई है। हालांकि निदेशालय के मुख्यालय वाले जिले बीकानेर में 811 निजी स्कूलें चिह्नित की गई, जिनमें से 808 में कमेटिया बन गई हैं।

 

राजस्थान विद्यालय (फीस का विनियमन) अधिनियम 2016 नियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार निजी स्कूलों में कमेटी की ओर से फीस का निर्धारण किया जाएगा। अधिनियम के तहत स्कूल प्रबंधन की ओर से शैक्षणिक सत्र शुरू होने के 30 दिन में शिक्षक अभिभावक संगम का गठन आवश्यक है।

 

समिति से अनुमोदित फीस की सूचना नोटिस बोर्ड पर लगाने का प्रावधान है। इसे निजी स्कूल पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिन स्कूलों ने इसे अपलोड नहीं किया है, उन्हें आरटीई के तहत भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे स्कूलों को नोटिस भी जारी किया गया है।

 

31 मार्च तक फीस निर्धारण जरूरी

राज्य में 22 हजार 389 स्कूलों ने फीस निर्धारण कमेटियां गठित कर ली हैं। 31 मार्च इसकी अंतिम तिथि है। जिन स्कूलों में कमेटियां गठित नहीं हुई हैं, उनको फिर नोटिस जारी किया गया है। ऐसे स्कूलों का आरटीई में भुगतान रोक दिया गया है।
मूलचन्द बोहरा, अनुभाग अधिकारी, आरटीई (प्राशि.नि. बीकानेर)

 

आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की दी जानकारी
जनक्रांति फाउण्डेशन की ओर से 'शिक्षा आपके द्वार' अभियान के तहत शहर में विभिन्न स्थानों पर जनसम्पर्क कर निजी शिक्षण संस्थाओं में आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर निर्धन वर्ग के बालक-बालिकाओं को प्रवेश देने संबंधित जानकारी दी गई।

 

संरक्षक कुलदीप कड़ेला ने बताया कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों में भी 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बालक-बालिकाओं को निशुल्क प्रवेश पाने का अधिकार है। अभियान के तहत घर-घर जाकर आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी देने का कार्य जारी है। सोमवार को पब्लिक पार्क परिसर के आस पास, सार्दुलगंज आदि क्षेत्रों में जनसम्पर्क किया गया।

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